एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ
श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन
मां सरस्वती ज्ञान के साथ संस्कार और सेवा की प्रेरणा देती हैं। नर्सिंग विद्यार्थियों में विद्या के साथ मानवीय मूल्यों का विकास ही हमारा मुख्य उद्देश्य है : हर्ष अजमेरा
सरस्वती पूजा जैसे आयोजन विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं : जया सिंह
हजारीबाग |
एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।
धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

