यूजीसी इक्विटी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप को विजय शंकर नायक ने बताया ऐतिहासिक
रांची
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय शंकर नायक ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल कानूनी नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की जीत है, जिसने सत्ता के अहंकार को उजागर किया है। विजय शंकर नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सामाजिक न्याय को नीति के बजाय राजनीतिक रणनीति बना दिया है और शिक्षा को नियंत्रण का माध्यम बनाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि यह नियम वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि समाज में विभाजन और ध्रुवीकरण के लिए लाए गए। उन्होंने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर चिंता जताते हुए कहा कि भाजपा शासन में शिक्षा संस्थानों को वैचारिक दबाव में लाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप यह स्पष्ट करता है कि सत्ता संविधान से ऊपर नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष शिक्षा को राजनीतिक कब्जे से मुक्त कराने और सामाजिक न्याय को वास्तविक अधिकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के बौद्धिक भविष्य की रक्षा की लड़ाई बताया।

