मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ
₹1.27 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 46,555 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की उम्मीद
रांची
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के बाद झारखंड में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ हो चुका है। राज्य सरकार के उद्योग विभाग को स्टील, पावर सेक्टर, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग, उन्नत कोटिंग एवं फिनिश्ड स्टील, ऑटोमोबाइल और सीमेंट उद्योग से जुड़े विभिन्न निवेशकों द्वारा कुल ₹1 लाख 27 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के आशय पत्र सौंपे गए हैं, जिससे 46,555 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें नवीन जिंदल समूह का ₹70 हजार करोड़ तथा टाटा स्टील का ₹11 हजार करोड़ का निवेश भी शामिल है। इसके अतिरिक्त उड़ीसा एलॉय स्टील, रुंगटा माइन्स, अमलगाम स्टील एंड पॉवर, बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जय सस्पेंशन लिमिटेड और अंबुजा सीमेंट लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियों ने भी झारखंड में निवेश के प्रति रुचि दिखाई है।
लातेहार में उड़ीसा स्टील अलॉय लिमिटेड द्वारा ₹25,000 करोड़ के निवेश से ब्लास्ट फर्नेस और डीआरआई यूनिट्स स्थापित किए जाएंगे, वहीं सरायकेला-खरसावां में रुंगटा समूह ₹10,000 करोड़ की लागत से स्टील, पावर और सीमेंट प्लांट लगाएगा। बोकारो में बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज ₹1,070 करोड़ से उन्नत कोटिंग वाले स्टील उत्पादों का निर्माण करेगी, जबकि आदित्यपुर में जय सस्पेंशन ₹255 करोड़ के निवेश से ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाएगी। कांड्रा में अमलगम स्टील द्वारा ₹4,980 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है और सिंगापुर की सनशाइन ग्लोबल कैपिटल द्वारा ₹3,000 करोड़ की लागत से एआई डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना भी शामिल है। इन परियोजनाओं से राज्य के युवाओं और स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा तथा अत्याधुनिक तकनीकों जैसे EASyMelt और Hisarna के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाकर झारखंड को ग्रीन स्टील और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

