कापड़ गादी घाट मां रंकणी मंदिर धूमकुड़िया सह बहुउद्देशीय भवन में पारंपरिक स्वशासन एवं पेशा नियमावली पर एक दिवसीय कार्यशाला का किया गया आयोजन
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
पोटका प्रखण्ड स्थित कापड़गादी घाट मां रकंनी धूम कुड़िया सह बहुउद्देशीय भवन में आदिवासी भूमिज समाज एवं कापड़ गादी घाट मां रकंनी धूमकुड़िया सह बहुउद्देशीय भवन संचालन समिति के द्वारा पेशा नियमावली पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, रूडी परंपरा पर जानकारियों का आदान-प्रदान किया गया। और 2026 के पेशा नियमावली को बिस्तार में अध्ययन किया गया। पेशा नियमावली में जो स्वशासन व्यवस्था का कमी है उसको चिन्हित कर विचार विमर्श किया गया। केंद्र पेशा के अनुसार झारखंड राज्य स्तर का पेशा नियमावली बनाने के लिए आगे विचार विमर्श जारी रहेगा। जो नियमावली बनकर आया है उनको ग्राम सभा स्तर पर अभ्यास करने की जरूरत है। बहुत अंतराल के बाद झारखंड सरकार ने एक नियमावली बनाया है। आगे नियमावली में जरूरत के हिसाब से कई परिवर्तन होता रहेगा। जो भी नियम बनाकर आया है आगे जोड़ने एवं सुधारने की कार्य भी समय-समय होते रहे, यह कार्यशाला में परिचर्चा का विषय रहा। इस कार्यशाला में सुदर्शन भूमिज, सिद्धेश्वर सरकार, हरीश भूमिज, रामेश्वर सरदार, मानिक सरदार, मनोरंजन सिंह, जितेंद्र सरदार, राकेश सरदार, मंजीत सरदार, जीतामनी सरदार, सागर सरदार, भकुट सिंह, सुखदेव सरदार, अमल रंजन सिंह, आदि उपस्थित रहे।

