बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देती रेलवे अंडरपास
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
विद्याभारती इंग्लिश स्कूल और मोहन पुरम के पास रेल विभाग ने दुर्घटना और विभाग का खर्च कम करने के लिए चेक पोस्ट को हटाकर अंडर पास का निर्माण किया जो आज आम जनता के लिए गले की हड्डी बन गई है। ज़ब फाटक था तब आवागमन के लिए कोई दिक्क़त नहीं थी।मानव रहित रेल ट्रेक पर करने के लिए वर्तमान अंडरपास से नुआग्राम,मोहनपुरम, चापी, गंगाडीह , रेलवे स्टेशन हलुदपुकुर, विद्यानिकेतन+2 उच्च विद्यालय,गिरी भारती ,नेताजी सुभाष इंग्लिश स्कूल आदि के लोगों के साथ छात्र एवं छात्राएं प्रतिदिन आवागमन करते है। अंडर पास संकीर्ण होने के कारण हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है और कई बार दुर्घटना भी घटित हो चुकी है जो बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है।आमजनों के हित के लिए नुआग्राम के कुछ बुद्धिजीवी और समाजसेवीयों ने अंडर पास का बिरोध करते हुए पत्राचार के साथ साथ रेल विभाग के उच्च अधिकारियो से भी मुलाकात भी किए थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी होने वाले समस्या से अवगत कराया गया था परंतु इस गंभीर जन समस्या का सुध लेने वाला कोई नहीं।अंत में रेल विभाग ने अंडर पास बना ही दिया जो आज जनता के लिए सिरदर्द बन चूका है।इस सन्दर्भ में समाज सेवी सह शिक्षाविद शंकर चंद्र गोप ने कहा हमलोग शुरू से ही अंदर पास का बिरोध कर रहे थे क्योंकि पता था इसके बनने से आगे ऐसी समस्या उत्पन्न हो सकती है परन्तु आवागमन करने वाले कुछ लोगों को इस समस्या से कोई लेना देना नहीं था पर अब दबे मुंह सभी अंडर पास से परेशान हैं। साहित्यकार सह समाजसेवी सुनील कुमार दे ने कहा अंडर पास आज सचमुच जनता के लिए गले की हड्डी बन चुकी है। अंडर पास के चलते आम जनता और स्कूली बच्चे परेशान है। नित्य छोटी मोटी दुर्घटना घट रही है। वर्तमान समय में भीतर में लोहा उखड़ गई है।अंदर में सर्दी का सीजन में भी पानी जम रहा है। बरसात में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता है ।छोटानागपुर कॉलेज के अवसर प्राप्त प्राचार्य सरोज कुमार कुंडू ने कहा सरकार का कोई भी स्कीम जनहित में होना चाहिए, जनता को तकलीफ देने के लिए नहीं। ज़ब यहां रेलवे फाटक था तब किसी तरह की समस्या नहीं थी। संध्या के समय इस रास्ते से आवागमन करने में डर लगता है। चोरी छिंतई भी हमेशा होते रहता है। अगर समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया तो ये बड़ी दुर्घटना का गवाह बन सकती है।

