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वार्षिक समीक्षा: सांसद मनीष जायसवाल का साल 2025, संसद से सड़क तक जनहित में रहें संघर्षरत, खेल, संस्कृति और आस्था को दिया अभूतपूर्व संवर्धन

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वार्षिक समीक्षा: सांसद मनीष जायसवाल का साल 2025, संसद से सड़क तक जनहित में रहें संघर्षरत, खेल, संस्कृति और आस्था को दिया अभूतपूर्व संवर्धन

मानवीयता, संवेदनशीलता और त्वरित पहल से बने मिसाल, दिखा जनता के प्रति अद्भुत कर्मठता और अटूट समर्पण

हजारीबाग

संसद के गलियारों से लेकर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों तक, बिहार राज्य के बोर्डर से सटे चौपारण के चोरदाहा से लेकर पश्चिम बंगाल राज्य के बॉर्डर से सटे रामगढ़ के बरलंगा एवं चतरा जिले के पिपरवार से कोडरमा जिले के चंदवारा तक हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने साल 2025 में अपनी कर्मठता और दृढ़ संकल्प के साथ एक अमिट छाप छोड़ी है, जो उन्हें आज़ादी के बाद पहली बार क्षेत्र में जनता के बीच रहने वाले और जनहित के लिए संसद पटल पर सर्वाधिक उपस्थिति के साथ सवाल उठाने वाले सांसद के रूप में स्थापित करती है। उनका सम्पूर्ण कार्यकाल “बहुजनहिताय, बहुजनसुखाय…” के प्राचीन भारतीय आदर्शों पर आधारित लोककल्याणार्थ प्रयासों का एक जीवंत प्रमाण रहा है। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र वासियों की आकांक्षाओं और आशाओं को न केवल समझा, बल्कि उन्हें ज़मीनी हकीकत में बदलने के लिए ऊर्जावान और समर्पित नेतृत्व प्रदान किया है।

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साल 2025 की शुरुआत ही उनके मानवीय और संवेदनशील पक्ष को दर्शाती है, जब मांडू विधानसभा क्षेत्र के चरही के ग्राम सरवाहा में पांच मित्रों की हृदयविदारक मौत की घटना के तुरंत बाद उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों को अस्पताल पहुंचकर ढांढस बंधाने का कार्य किया और शवों के पोस्टमार्टम के वक्त उनके साथ खड़े रहे। यह दर्शाता है कि वे केवल एक राजनेता नहीं बल्कि जनता के सुख-दुख में शामिल होने वाले एक सच्चे जनप्रतिनिधि हैं। इसी प्रकार गोला में तीन स्कूली बच्चों की दर्दनाक सड़क दुर्घटना में उन्होंने त्वरित गंभीरता दिखाते हुए प्रशासन को न केवल जगाया, बल्कि चरही के यूपी मोड और रामगढ़ के चुटूपालू घाटी के ब्लैकस्पॉट पर तुरंत कार्य कराया और स्ट्रीट लाइट्स को सुदृढ़ करने जैसे सुरक्षात्मक कदम उठाए जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।

उनकी विकास की दृष्टि केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने रजरप्पा प्रोजेक्ट में विस्थापितों के साथ खड़ा होना सुनिश्चित किया और रामगढ़ सदर अस्पताल में बहुप्रतीक्षित डायलिसिस यूनिट की शुरुआत करवाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाया। मांडू के सोनडीहा और चैनपुर में उन्होंने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का शिलान्यास किया। जिसने जनमानस का दिल जीता और क्षेत्र के आधारभूत विकास में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

संसद के भीतर सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी सक्रियता का लोहा मनवाया। उन्होंने संसद पटल पर लगभग 118 जनहित के प्रश्न उठाकर न केवल हजारीबाग बल्कि पूरे झारखंड के ज्वलंत मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर रखा। वे संसद की कई चर्चाओं में शामिल रहे और बेबाकी से अपनी बात रखते हुए दिखे। झारखंड की कमजोर वित्तीय स्थिति के बावजूद उन्होंने डीएमएफटी मद से सैकड़ों करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएँ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में संचालित करवाई हैं/करवा रहे हैं। इन योजनाओं के तहत सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और ह्यूमन वेलफेयर जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है जो क्षेत्र की तस्वीर बदलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने डीएमएफटी और दिशा की लगभग सभी बैठकों में अपनी महती भूमिका निभाई और ज़िले के विकास योजनाओं के संचालन में अपनी अलग पहचान स्थापित की।

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सांसद मनीष जायसवाल ने विस्थापितों के दर्द को भी अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा। बड़कागांव और केरेडारी विभिन्न कोल ब्लॉक के साथ कोनार और तिलैया डैम के विस्थापितों की आवाज बनकर उन्होंने संसद में उनकी पीड़ा को रखा और कोनार सिंचाई परियोजना के लंबित कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने की पुरजोर मांग की। यह दिखाता है कि वे बड़े विकास परियोजनाओं के साथ-साथ आम आदमी के हितों का भी ध्यान रखते हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर उन्होंने हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित ज़िले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और हजारीबाग के प्रशासन व पुलिस की कुव्यवस्था के खिलाफ मुखर रहकर सड़क पर उतरकर विरोध जताया, जिससे सरकारी तंत्र को जवाबदेह बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न कंपनियों के सीएसआर मद को धरातल पर उतारकर उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों, पोषण किट वितरण, खेल सामग्री वितरण, कंबल वितरण, सामुदायिक भवन निर्माण, लाइब्रेरी निर्माण, सांस्कृतिक भवन निर्माण और कंप्यूटर लैब निर्माण सहित अनेक कार्य जरूरतमंदों के हितार्थ सुनिश्चित किए।
उनकी सबसे बड़ी सामाजिक पहलों में ‘सांसद तीर्थ दर्शन महाअभियान’ प्रमुख है, जिसकी शुरुआत नृसिंह स्थान से 29 जून को हुई। इसके तहत बुजुर्ग जनों को उत्तरप्रदेश के चार प्रमुख तीर्थस्थलों का दर्शन निःशुल्क कराया जा रहा है। जिससे वे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बुजुर्गों के तीर्थाटन के सपने को साकार कर रहे हैं। दूसरी महत्वपूर्ण सामाजिक उपलब्धि ‘सांसद सामूहिक विवाह उत्सव’ रही, जिसके तहत 101 गरीब परिवारों की बेटियों का शाही शादी कराकर उन्होंने हजारीबाग की धरती पर एक नया कीर्तिमान रचा।

खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने में भी उनका योगदान अतुलनीय है। ‘सांसद खेल महोत्सव’ के तहत आयोजित ‘नमो फुटबॉल टूर्नामेंट’ में 22 मंडलों में 484 टीमों के कुल 20,260 खिलाड़ियों का महाकुंभ हुआ। इसके अलावा कबड्डी, आर्चरी, शतरंज और क्रिकेट प्रतियोगिताओं का व्यापक आयोजन हुआ। संजय सिंह क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार बीसीसीआई के अधिकारियों का विजिट हुआ और बाद में उनके नेतृत्व में बीसीसीआई की बिहार कूच ट्रॉफी का सफलतापूर्वक मेजबानी की गई, जो क्षेत्र के खेल प्रेमियों के लिए गौरव का विषय है। हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी पर उन्होंने ‘सांसद पारंपरिक अस्त्र शस्त्र वितरण अभियान’ चलाकर लोकसभा क्षेत्र के हरेक अखाड़े तक पहुंच बनाई और पारंपरिक कला कौशल को बढ़ावा दिया। कनहरी हिल में बायोडायवर्सिटी पार्क का सौगात दिया। बड़कागांव में डिग्री कॉलेज निर्माण की नींव रखी। राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर उन्होंने बिजली कटौती और बिजली कुव्यवस्था के खिलाफ हजारीबाग बिजली विभाग के बाहर महाधरना का आयोजन कर विभाग की कुंभकर्णी नींद तोड़ी। गोला में सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस रोकने के मामले में सड़क पर उतरकर पुलिस प्रशासन का पुरजोर विरोध करना और हजारीबाग के ऐतिहासिक रामनवमी के दूसरे मंगला जुलूस के दौरान पथराव की घटना को संसद पटल पर रखकर पुरजोर विरोध जताना उनके संघर्षशील स्वभाव को दर्शाता है। दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेवारी का भी उन्होंने बखूबी निर्वहन किया।
व्यक्तिगत स्तर पर वे हमेशा क्षेत्र के गरीब परिवारों की बेटियों के शादी के अवसर पर उन्हें लहंगा भेंट करना या जरूरतंद परिवारों को श्राद्ध के दौरान नमो श्राद्ध किट भेंट करना सुनिश्चित करते हैं। विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक आयोजनों के साथ-साथ लोगों के सुख-दुख में एक भाई या बेटा बनकर साथ निभाना उनकी व्यक्तिगत संवेदनशीलता को दर्शाता है। हालांकि उनके निजी जीवन में सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रतिनिधि विजय कुमार और लोकसभा चुनाव के दौरान उनके सेवक की भूमिका निभा रहें दीपक कुमार की मौत ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया लेकिन इस दुःख को सहते हुए भी वे अपने जनसेवा के पथ पर अडिग रहे। साल के अंत में उन्होंने अपने जनप्रतिनिधित्व कार्यकाल की परंपरा को बरकरार रखते हुए अपना रिपोर्ट कार्ड प्रेस/ मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाया ।

सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग बार संघ को एक सुसज्जित आधुनिक सभागार का तोहफा दिया और रामगढ़ जिले में सांसद सेवा कार्यालय का सौगात देकर रामगढ़ वासियों की पहुँच को सुनिश्चित किया। सड़क और रेलवे के क्षेत्र में आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने के साथ-साथ, विभिन्न महानगरों के लिए रेल परिचालन और हजारीबाग में हवाई अड्डा बनाने की मांग को भी वे पुरजोर तरीके से हर स्तर पर उठा रहे हैं। अपने कर्मों के बल पर सांसद मनीष जायसवाल ने साल 2025 को एक कर्मठ, संवेदनशील, और दृढ़ संकल्प वाले जन-प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र वासियों के बीच लोकप्रियता हासिल की। जिन्होंने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को सही मायने में प्रतिबिंबित किया है। सेवा के नए संकल्प के साथ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने रामगढ़ में सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026 के तहत आगामी 08 फरवरी 2026 को लोकसभा क्षेत्र के 101 अत्यंत निर्धन बेटियों का सामूहिक विवाह उत्सव आयोजित करने का विराट संकल्प लिया है।
यह आयोजन केवल ‘घर बसाने’ का नहीं, बल्कि इन परिवारों को ‘घर चलाने’ का संबल देने की एक पुनीत पहल है। यह सेवाधर्म वर्ष 2026 में क्षेत्र सामाजिक सरोकार की एक नई किरण का ओज फैलाएगा, जो मानवीय संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है वहीं हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में कई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने को लेकर वे कटिबद्ध रहेंगे ।

प्रस्तुति:-
✍ रंजन चौधरी
सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र।

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