20 प्रतिभागियों ने तीन दिनों तक रखा पूर्ण मौन,एडवांस मेडिटेशन कोर्स’ का हुआ समापन
झारखंड न्यूज़ 24
जामताड़ा
मनीष बरणवाल
जामताड़ा शहर के होटल राज पैलेस में आर्ट ऑफ लिविंग के ‘एडवांस मेडिटेशन कोर्स’ का समापन हुआ। 20 प्रतिभागियों ने मौन और साधना से अद्भुत अनुभव प्राप्त किया। जामताड़ा न्यू टाउन स्थित होटल राज पैलेस में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित चार दिवसीय ‘एडवांस मेडिटेशन कोर्स’ का बुधवार को समापन हुआ। इस शिविर में 20
प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने तीन दिनों तक पूर्ण मौन रखा। मौन की समाप्ति के बाद आयोजित अनुभव साझा सत्र में प्रतिभागियों ने एक-एक कर बताया कि कैसे इन चार दिनों ने उनके जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया है।
मुंबई महानगर से आए राधाकृष्णन ने बताया कि महानगर की भागदौड़ से दूर यहाँ उन्हें असीम शांति की अनुभूति हुई। प्रतिभागी रीता घोष और छवि घोष ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि साधना और मौन के माध्यम से उन्हें स्वयं को जानने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिला।अन्य प्रतिभागी सरोज नारनौलीया, इंदु प्रभा, अंजू भगत, अंजू चौधरी, राम विनय सिंह , शशि नरनोलिया राजेंद्र गोराई,शारदा प्रभा, श्रीकांत प्रसाद , उमा नारनौलिया ने भी बताया कि ज्ञान और साधना से प्राप्त अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय हैं,सभी प्रतिभागियों का मानना था कि मौन में रहने से मन की चंचलता शांत हुई और नई ऊर्जा का संचार हुआ। कोर्स की मुख्य संचालिका अर्चना चौरसिया के कुशल मार्गदर्शन की सभी ने विशेष सराहना की।
अर्चना चौरसिया ने कोर्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एडवांस कोर्स मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है और प्रत्येक व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार अपनी आंतरिक ऊर्जा को रिचार्ज करने के लिए इसे अवश्य करना चाहिए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य आयोजक रीना द्विवेदी एवं अरुण चौधरी और विजय भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन तीनों के अथक प्रयासों और सुव्यवस्थित प्रबंधन के कारण ही शिविर का आयोजन अनूठा और सफल रहा।इसके साथ ही आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक नवीन चौरसिया का गरिमामयी सानिध्य और मार्गदर्शन भी सराहनीय रहा।जामताड़ा के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर विजय भगत ने बताया कि आयोजन में मोहन नारनौलिया, किशोर नारोलिया, गोपाल सिंधी, मनोज साह , उषा किरण सिंह, रामारानी सरकार, झूमा गौण और डॉक्टर मंजुला मुर्मू का सक्रिय और महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन जामताड़ा आर्ट ऑफ़ लिविंग परिवार द्वारा सामूहिक भजन – सत्संग और गुरुदेव का आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद ग्रहण और सामूहिक भोज के साथ हुआ।

