किसानों के हक में ऐतिहासिक फैसला, मंडी से ‘बिचौलिया राज’ खत्म
संजय कुमार बेड़ों/लापुंग
बेड़ों:* जनवरी, 2026 सब्जी उत्पादक किसानों के लिए आज का दिन एक नई सुबह लेकर आया है। बाजार समिति और व्यापारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक में किसानों के शोषण को जड़ से मिटाने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं। अब मंडी में किसानों का ‘पसीना’ कौड़ियों के भाव नहीं बिकेगा। अब नहीं चलेगी ‘डंडी’ की मार
और ‘कटौती’ का खेल
लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि आलू, मटर, गोभी और बीन्स जैसी फसलों की बिक्री के दौरान ‘डंडी मारना’ (तौल में हेराफेरी) और नाजायज ‘कटौती’ कर किसानों को लूटा जा रहा था। समिति ने सख्त निर्देश जारी किया है।
अब तौल में एक ग्राम की भी कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसान अपनी फसल का पूरा दाम पाने का हकदार होगा।
बिचौलियों का कमीशन बंद, सीधा किसानों को फायदाबाजार समिति ने बिचौलियों के वर्चस्व को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
“अब तक किसानों की मेहनत का एक बड़ा हिस्सा बिचौलियों की जेब में चला जाता था। अब व्यापारियों और किसानों के बीच सीधा सौदा होगा, जिससे किसानों की आमदनी में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी।”
7 *दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य*
व्यापारियों के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब फसल खरीदने के बाद अधिकतम एक सप्ताह के भीतर किसान को उसका पैसा वापस करना होगा। इससे किसानों को अगली फसल के लिए खाद-बीज खरीदने में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
*पारदर्शिता के लिए निगरानी दल गठित*
बाजार समिति ने स्पष्ट किया है कि व्यापारियों और किसानों के बीच के लेन-देन पर कड़ी चौकसी रखी जाएगी। *बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित* व्यापारियों ( प्रेम साहू, सुनील महतो, बंटी रोनिहार, सुंदर साहू, रिजवान, इकबाल, इंदू सिंह, सिकंदर साहू, कुदुस, तवरेज, शकील,राजेंद्र साहू, जलो महतो, महावीर साहू, हाजी साहब, तनु, लतीब, अमित साहू, मुमताज, सुरेश, राजेंद्र,अशोक साहु, सनी गिरी, पी.के. गुप्ता और ओमप्रकाश पाण्डेय) ने इस पर अपनी सहमति देते हुए हस्ताक्षर किए हैं।
बाजार समिति का यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता भी लाएगा। इस फैसले के बाद किसान परिवारों में खुशी का माहौल है।

