माता लक्ष्मी चंद्रवंशी की मनायी गयी बारहवीं पुण्यतिथि व महिला महाविद्यालय का मना स्थापना दिवस
झारखंड न्यूज 24
विश्रामपुर
विश्रामपुर नगर परिषद के मुख्य कस्बा रेहला में सोमवार को पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी की माता लक्ष्मी चंद्रवंशी की बारहवीं पुण्यतिथि पूरे धूमधाम के साथ मनायी गयी। इसके अलावा लक्ष्मी चंद्रवंशी महिला महाविधालय का स्थापना दिवस भी समारोह पूर्वक मनाया गया। समारोह का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी,एनपीयू के वीसी डॉ दिनेश सिंह,बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति दिनेश प्रसाद सिंह व आरसीयू के कुलाधिपति डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्राचार्या नूतन रानी व संचालन प्रो• वागीश मिश्रा व राकेश सोनी ने बारी-बारी से किया। इसके बाद महाविद्याल परिसर में स्थापित माता लक्ष्मी चंद्रवंशी के आदमकद प्रतिमा पर अतिथियों ने श्रद्धा-सुमन अर्पित किया।
इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जहां महाविद्यालय के छात्राओं ने एक से बढ़ कर नृत्य गीत से अतिथियों का मन मोह लिया। वहीं कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया। रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि विश्रामपुर व रेहला जैसे पिछड़े क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थान खोलने के लिए उन्हें मां की ओर से प्रेरित किया गया था। उनकी इच्छाओं को पूरा करने के क्रम में यह क्षेत्र आज शैक्षणिक हब के रुप में स्थापित हो चुका है। आरसीयू विश्वविद्यालय की स्थापन करायी। जिसके तहत कुल 29 महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं।
रांची में भी मेडिकल कॉलेज जल्द ही खुलेगा,भवन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि कल तक दूसरे राज्य में भटक कर शिक्षा ग्रहण करने वाले स्थानीय छात्र छात्राएं विश्रामपुर में हीं पढ़कर डॉक्टर व इंजीनियर सहित उच्च डिग्री हासिल कर रहे है। श्री चंद्रवंशी ने अपनी मां लक्ष्मी चंद्रवंशी के जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि मां मजदूरी कर दोनों भाई को पढ़ाने का काम किया। मां के कहने पर क्षेत्र में कई महिला कालेज स्थापित किया। अपनी माँ का सपना पूरा कर उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि देने का काम किया। आरसीयू के कुलाधिपति डॉ ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। शिक्षा से ही विकास के सारे द्वार खुलते हैं। शिक्षा के बगैर विकास की कल्पना करना भी बेमानी है। यह गौरव की बात है कि स्थानीय बच्चों को पढ़ने के लिए मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज विश्रामपुर में उपलब्ध है। अब गरीब परिवार के बच्चे भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे है। मौके पर कई लोग मौजूद थे।

