मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत ओबीसी कांग्रेस बढ़चढ़ पैदल मार्च में हिस्सा लिया लिया
हजारों श्रमिकों ने केंद्र की नाम बदलाव नीति का किया विरोध
रांची
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) से बदलने के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज मोराबादी स्थित बापू वाटिका से लोक भवन तक विशाल पैदल मार्च निकाला।
इस मार्च का नेतृत्व ओबीसी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अभिलाष साहू ने किया। पूरे राज्य भर से हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, मनरेगा श्रमिक और समर्थक शामिल हुए। मार्च में मुख्य रूप से प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा, विभिन्न मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश प्रवक्ता प्रवेज आलम, कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवाला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रकाश कुमार, पूर्व प्रत्याशी सुधीर चंद्रवंशी, पूर्व जिला अध्यक्ष दीपक गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता, रेणु कुमारी, कजरू साव, मो. कैफ, निजाम उद्दीन, अश्विनी कुमार, अजय साव, संतोष यादव, अजय प्रजापति, मो. अजीम, विकास कुमार, राजू चंद्र सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
यह मार्च मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस केंद्र सरकार पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करने, मजदूरों के अधिकार छीनने और महात्मा गांधी के नाम को हटाने का आरोप लगा रही है। ओबीसी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अभिलाष साहू ने मार्च को संबोधित करते हुए कहा, MGNREGA केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लाखों श्रमिकों का संवैधानिक अधिकार है। केंद्र सरकार का यह प्रयास नाम बदलकर और कानूनी प्रावधानों में छेड़छाड़ करके इस हक को कमजोर करने का है, जो अस्वीकार्य है। हम झारखंड के हर गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचाएंगे कि ‘विकसित भारत-जी राम जी बिल’ ग्रामीण रोजगार की गारंटी को खत्म करने की साजिश है। पंचायतों की शक्तियों को सीमित करना, राज्य सरकारों पर अतिरिक्त बोझ डालना और मांग-आधारित रोजगार को अनिश्चितता में बदलना गरीबों के साथ विश्वासघात है। कांग्रेस इस लड़ाई को पूरे जोश के साथ लड़ेगी और MGNREGA को मूल रूप में बहाल करवाएगी। श्रमिक भाइयों-बहनों, आपका हक हमारा हक है—हम इसे छीनने नहीं देंगे। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से सफल माना जा रहा है।

