Ad image

माताजी आश्रम की और से बड़बिल में खोली गई अपूर पाठशाला की 31 वीं शाखा

Suresh Mahapatra
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now

माताजी आश्रम की और से बड़बिल में खोली गई अपूर पाठशाला की 31 वीं शाखा

 

 

- Advertisement -

पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट

 

 

 

- Advertisement -

 

 

हाता स्थित माताजी आश्रम के प्रयास से गालुडीह के बड़बील गाँव में अपूर पाठशाला की 31 वीं शाखा का शुभारंभ किया गया।

वहीं साहित्यकार सुनील कुमार दे ने कहा कि बांग्ला भाषा को लुप्त होने से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।आज माता पिता अपने बच्चों को मातृ भाषा का ज्ञान देने की कोशिश भी नहीं कर रहे जो चिंता का विषय है।अपूर पाठशाला एक माध्यम है मातृभाषा को जीवित रखने के लिए। वहीं पूर्व पार्षद करुणा मय मंडल ने कहा मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं है,इसे बचा के रखना सभी का दायित्व है। बतादें माताजी आश्रम हाता की ओर से झारखण्ड में बांग्ला भाषा को बचाने के लिए तथा नई पीढ़ी को बांग्ला शिखाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है और गांव गांव में अपूर पाठशाला खोल कर निःशुल्क बंगला शिक्षा एवं पाठ्य सामग्री दी जा रही है।अभी तक पोटका, राजनगर और घाटशिला प्रखंड में कुल 31 अपूर पाठशाला खोली जा चुकी है।बड़बिल में अपूर पाठशाला का उद्घाटन मुख्य संचालक सुनील कुमार दे ने धुप द्वीप प्रज्यलित कर किया।उसके उपरांत सरस्वती वंदना की गई।बच्चे स्कूल में जो भी माध्यम में पढ़े परंतु मातृभाषा का शिक्षा ग्रहण अवश्य करें।सप्ताह में एक दिन शिक्षिका सुनीता भकत बच्चों को निःशुल्क बांग्ला पढ़ाएंगी।अंत में धन्यवाद ज्ञापन मृणाल पाल ने दिया।बड़बिल शिक्षा केंद्र में कुल 20 बच्चों ने बांग्ला सीखने के लिए नामांकन किया।इस अवसर पर अमल बिस्वास, राजू नारायण भकत, सुनीता भकत, प्रसेंजित भकत, छोबी रानी गोप, मानसी सिंह, नमिता सिंह, कल्पना गोप के अलावे गांव के अभिभावक गण और छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

- Advertisement -
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *