डीएवी पब्लिक स्कूल बरही में आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों ने सीखी नई शिक्षण पद्धतियाँ
शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य और सुधार का समायोजन बच्चों में रचनात्मक विकास का आधार : प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार मैढ़
संवाददाता : बरही
डीएवी पब्लिक स्कूल बरही के प्रांगण में शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य और सुधार का समायोजन बच्चों के बीच विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत संस्कार से हुई। इस कार्यशाला में संसाधक के रूप में प्रीति लता (एंजेल हाई स्कूल, हजारीबाग) और सुदीप्तो रंजन घोष (डीएवी पब्लिक स्कूल, गिद्दी) मौजूद रहे। साथ ही डीएवी पब्लिक स्कूल गिद्दी की प्राचार्य मनुप्रिया चटर्जी की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। संसाधकों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को बताया कि किस प्रकार मानसिक स्वास्थ्य को पठन-पाठन से जोड़कर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य का सही उपयोग बच्चों के अंदर संस्कार, आचरण और आदर्श स्थापित करने में सहायक होता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार मैढ़ ने कहा कि मानसिक हालात सीखने की प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक और समग्र बनाते हैं।
इसके माध्यम से विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बेहतर होते हैं, बल्कि उनमें नवाचार, संवेदनशीलता, सामाजिक कौशल और भावनात्मक समझ भी विकसित होती है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के उपाय विद्यार्थियों को मल्टी-डिसीप्लिनरी अप्रोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे वे विभिन्न विषयों को आपस में जोड़कर नए दृष्टिकोण से समझ पाते हैं। यह प्रक्रिया बच्चों को आनंदमय वातावरण में सीखने और अपने अनुभव को समृद्ध करने का अवसर देती है। प्राचार्य ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तिगत और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा हमें बच्चों के अंदर छिपी असीम संभावनाओं को तराशना होगा, ताकि वे अनुशासन के साथ सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ सकें।

