सीमा सुरक्षा बल का 61वाँ स्थापना दिवस, मेरू प्रशिक्षण केंद्र की वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियाँ
हजारीबाग
सीमा सुरक्षा बल ने अपना 61वाँ स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। 1 दिसंबर 1965 को स्थापित यह बल राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 2025 में ऑपरेशन सिंदूर में BSF के पराक्रम और योगदान की देशभर में सराहना हुई। मेरू स्थित प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय ने वर्षभर में कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण और प्रशासनिक उपलब्धियाँ हासिल कीं। यहां अब तक 63,956 जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें विदेशी प्रशिक्षु भी शामिल हैं। इस साल 2,362 जवानों को प्रशिक्षण मिला, जबकि 125 महिला प्रशिक्षु भी सम्मिलित रहीं।
टीसीएस मेरू को COUNTER INSURGENCY, COMMANDO TRAINING और EXPLOSIVE HANDLING के क्षेत्र में Centre of Excellence का दर्जा प्राप्त है। वर्ष 2025 में यहाँ विभिन्न कोर्स, बटालियन सपोर्ट वेपन प्रशिक्षण और ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। संस्थान द्वारा इस वर्ष गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, हर घर तिरंगा, राष्ट्रीय एकता दिवस, फिट इंडिया, योग दिवस सहित कई राष्ट्रीय कार्यक्रम उत्साहपूर्वक मनाए गए। नशा मुक्त भारत अभियान, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी रही। बीएसएफ मेरू ने सीएसआर परियोजनाओं के तहत अंकुर प्ले स्कूल निर्माण, एनटीपीसी की मदद से झीलों की सफाई, आधुनिक फिजियोथेरेपी उपकरण उपलब्ध कराने और फायर टेंडर परियोजना जैसी पहलें कीं।
इसके साथ ही सिंथेटिक ट्रैक, एसटीपी निर्माण और जलापूर्ति लाइन जैसे विकासकार्य भी प्रगति पर हैं। संस्थान की बैन्ड प्लाटून ने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित परेड में प्रथम स्थान प्राप्त कर हजारीबाग का मान बढ़ाया। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रक्तदान शिविर, सेमिनार और महिला दिवस पर आयोजित प्रतियोगिताओं ने वर्षभर के आयोजनों को जीवंत बनाए रखा। बीएसएफ मेरू प्रशिक्षण केंद्र ने 2025 में प्रशिक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी भूमिका को और सशक्त किया।

