श्री श्याम समर्पण महोत्सव के बाद सेवा का संकल्प, गोसेवा और वृद्धजनों के लिए अन्न वितरण से नई पहल
हजारीबाग |
श्याम टाबरिया के तत्वावधान में आयोजित श्री श्याम समर्पण महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के भाव के साथ भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महोत्सव की सफलता के उपरांत आयोजकों एवं सदस्यों ने समाजसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए सोमवार से सेवा कार्यों की एक नई श्रृंखला का शुभारंभ किया।
इस सेवा अभियान के अंतर्गत सोमवार को स्थानीय कोलकाता पिंजरापोल सोसायटी गोशाला में गायों को चारा एवं गुड़ खिलाकर गोसेवा की गई। आयोजकों ने बताया कि गोवंश की सेवा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, जो करुणा, धर्म और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करती है। गोसेवा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया।
इसके साथ ही समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की भावना को दर्शाते हुए वृद्धा आश्रम में निवासरत बुजुर्गों के लिए फूड पैकेट का वितरण किया गया। इन फूड पैकेटों में पोषणयुक्त भोजन सामग्री शामिल की गई, जिससे बुजुर्गों को संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा सके और उनके जीवन में सहयोग एवं अपनत्व का भाव जागृत हो।
आयोजकों ने बताया कि श्री श्याम समर्पण महोत्सव का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग तक सेवा, सहयोग और संवेदना पहुँचाना ही इसका मूल लक्ष्य है। इसी भावना के अंतर्गत भविष्य में भी गोसेवा, अन्नदान, स्वास्थ्य एवं अन्य सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे।इस अवसर पर महोत्सव से जुड़े सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजकों ने कहा कि सामूहिक प्रयास और सेवा भावना से ही समाज को सशक्त और संवेदनशील बनाया जा सकता है, और यही श्री श्याम समर्पण महोत्सव की मूल प्रेरणा है।

