भामाशाह बरही द्वारा सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन, 125 माताओं की रही सक्रिय सहभागिता
बरही
विद्या विकास समिति, झारखंड के तत्वावधान में आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन भामाशाह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरही के द्वारा रसोइया धमना स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति को सशक्त बनाना, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का बोध कराना तथा महिलाओं की सामाजिक भूमिका को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुमधुर गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात वंदना सभा में कुम्हार टोली की आचार्या एवं सप्तशक्ति संगम की विभाग संयोजिका पूनम सिंह, मालवीय मार्ग की आचार्या एवं सह संयोजिका एकता जी, तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय शिवपुर, करियातपूर की प्रभारी संजू कुमारी द्वारा माँ सरस्वती, ऊँ एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर पुष्पार्चन किया गया। तत्पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया गया। अतिथियों का परिचय एवं सम्मान रश्मि दीदी द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना जूली दीदी ने प्रस्तुत की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण अनिवार्य है। इसके बाद उपस्थित बहनों द्वारा सामूहिक गीत हम हीं मातृशक्ति हैं की प्रस्तुति दी गई, जिसने पूरे परिसर को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। मुख्य वक्ता पूनम सिंह ने कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण के संबंध में भारतीय दृष्टिकोण विषय पर सारगर्भित एवं प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने माताओं के भीतर निहित सात शक्तियों को जागृत करने का आह्वान किया।
वहीं एकता जी ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक कार्यों में महिलाओं को आगे बढ़कर नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि माँ का दायित्व केवल पालन-पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी शक्ति के विविध स्वरूपों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। रानी लक्ष्मीबाई एवं जीजाबाई के रूप में दी गई प्रस्तुतियों को उपस्थित माताओं एवं अतिथियों ने सराहा। इस अवसर पर पहचानकर्ता माताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सुनीता दीदी द्वारा प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाली माताओं को पुरस्कृत किया गया।
साथ ही विशिष्ट महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। अनुभव कथन सत्र में आरती जी एवं पूनम जी ने अपने विचार साझा किए। अध्यक्षीय भाषण में संजू कुमारी ने कहा कि परिवार में सद्भावना, संस्कार और प्रेम बनाए रखने में नारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश कुमार पांडेय एवं कोषाध्यक्ष रोहित कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस आयोजन में कुल 125 माताओं की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन विनीता दीदी द्वारा किया गया। अंत में राखी दीदी ने आभार ज्ञापन करते हुए सभी उपस्थित माताओं को सामूहिक रूप से संकल्प भी दिलवाया। कार्यक्रम संयोजिका जूली दीदी के मार्गदर्शन में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा और मातृशक्ति के सशक्तिकरण का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।

