सेवा सप्ताह के समापन पर बरही खंड में पारिवारिक सेवा मिलन समारोह संपन्न
बरही
नर सेवा नारायण सेवा। व्यक्ति-व्यक्ति में राष्ट्र चेतना जगाना, तन-मन में संस्कार भरना ही सच्ची साधना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के इस विचार को आत्मसात करते हुए संघ एवं संघ विचार परिवार से जुड़े सेवा समूह बीते सौ वर्षों से निरंतर सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। यह बातें क्षेत्र सेवा प्रमुख त्रिवेणी साव ने कही। उन्होंने बताया कि संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जन्मशताब्दी वर्ष 1989-90 से सेवा विभाग एवं सेवा समूह के 10 संगठन तथा हजारों न्यास देशभर में वंचित, पीड़ित, उपेक्षित एवं अभावग्रस्त समाजबंधुओं के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक एवं स्वावलंबन के क्षेत्र में संस्कार निर्माण और सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं।
झारखंड प्रांत की योजना के अनुसार 2 फरवरी 2026 से 8 फरवरी 2026 तक सेवा सप्ताह का आयोजन किया गया, जो व्यावसायी शाखाओं के स्वयंसेवकों के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित हुआ।इसी क्रम में सेवा सप्ताह के सप्तम एवं समापन दिवस पर रविवार को भामाशाह विद्यामंदिर सभागार में बरही खंड का पारिवारिक सेवा मिलन समारोह आयोजित किया गया। यह चार घंटे का कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चला। समारोह में डॉ. हेडगेवार आगासे स्मृति सेवा न्यास के अंतर्गत संचालित 5 संस्कार केंद्र, विद्या भारती के 2 सरस्वती संस्कार केंद्र, एकल अभियान के 2 एकल विद्यालय तथा सेवा क्षेत्र में दायित्वधारी कार्यकर्ताओं और सेवा भावी दंपतियों की सहभागिता रही।
खंड सेवा प्रमुख राजू कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस पारिवारिक सेवा मिलन में 63 मातृशक्ति, पुरुष एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा कार्यों से जुड़े परिवारों के बीच आपसी समन्वय, अनुभव साझा करना और सेवा भाव को और अधिक सशक्त बनाना रहा। इस अवसर पर खंड कुटुम्ब प्रबोधन संयोजक राजेन्द्र केशरी, बसंत सिंह, भामाशाह विद्यामंदिर के प्रधानाचार्य रजनीश पाण्डेय, प्रिंस रविशंकर, सोमनाथ कुमार, नितेश कुमार, योगेश्वर साव, सुरेन्द्र कुमार, अरुण झा सहित अन्य बंधु-भगिनी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

