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जी.एम. महाविद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ

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जी.एम. महाविद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ

ईचाक

जी.एम.महाविद्यालय, इचाक में तीन दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। पहले दिन का खेल 200 मीटर बालिकाओं की दौड़ से प्रारंभ हुआ जो महाविद्यालय प्राचार्य शंभू कुमार के द्वारा शुभारम्भ किया गया। इसके साथ ही रस्सी कूद, भाला फेंक, चक्का फेंक, गोला फेक एवं कबड्डी जैसी विधाओं का प्रथम दिन में खेल संपन्न कराया गया. जिसमें बालक एवं बालिकाओं दोनों ने सभी खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खेलकूद कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए खेल कूद प्रभारी शिक्षक संजीत कुमार यादव ने कहा कि सभी विद्यार्थी पूरे अनुशासन के साथ खेल खेलेंगे एवं खेल के नियमों का पालन करेंगे। महाविद्यालय में प्रत्येक वर्ष खेल कूद कराने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सर्वांगीण विकास में योगदान देना है। प्राचार्य महोदय ने कहा कि खेलकूद विद्यार्थियों में उनके बौद्धिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है और हमारे महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं अब तक इस तरह के खेलों में पूरे देश में अपना परचम लहरा रहे हैं।

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वार्षिक खेलकूद विद्यालय एवं महाविद्यालय के जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह न केवल विद्यार्थियों के शारीरिक विकास में सहायक होता है. बल्कि उनके मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खेलकूद से शरीर स्वस्थ, मजबूत और स्फूर्तिवान बनता है। नियमित खेलों के अभ्यास से सहनशक्ति, फुर्ती, संतुलन और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आज के समय में जब विद्यार्थी अधिकतर समय मोबाइल और पुस्तकों में व्यस्त रहते हैं. तब वार्षिक खेलकूद उन्हें सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है। मानसिक विकास की दृष्टि से भी खेलकूद अत्यंत उपयोगी है। खेलों के माध्यम से एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और अनुशासन का विकास होता है। जीत और हार दोनों को स्वीकार करने की भावना विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविकता के लिए तैयार करती है।

सामाजिक दृष्टि से वार्षिक खेलकूद आपसी भाईचारे, सहयोग और टीम भावना को बढ़ावा देता है। विभिन्न वर्गों और पृष्ठभूमियों के विद्यार्थी एक-दूसरे के साथ मिलकर खेलते हैं. जिससे पारस्परिक समझ और सद्भावना विकसित होती है। इसके अतिरिक्त, खेलकूद नेतृत्व गुणों के विकास में भी सहायक होता है। टीम कैप्टन या आयोजक के रूप में कार्य करने से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। अतः कहा जा सकता है कि वार्षिक खेलकूद केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सर्वोत्तम मार्ग है। कार्यक्रम को प्रारंभ करवाने में महाविद्याल प्रभारी पंकज कुमार, शिक्षक रत्नेश कुमार राणा, अजीत हंसदा, संगम कुमारी, संजीत यादव,रवि कुमार महतो, पार्वती कुमारी, विनोद कुमार, कृष्ण कुमार, राजकुमार, प्रिया कुमारी,सुनीता टोप्पो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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