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वामपंथियों ने गांधी जी की 78 वीं शहादत दिवस गोष्ठी कर दिया श्रद्धांजलि

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वामपंथियों ने गांधी जी की 78 वीं शहादत दिवस गोष्ठी कर दिया श्रद्धांजलि

हजारीबाग

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 78 वीं शहादत दिवस पर वामपंथियों ने सी पी आई ऑफिस में एक गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी की अध्यक्षता सी पी आई के जिला सचिव अनिरुद्ध प्रसाद और संचालन सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू ने किया। सर्वप्रथम बापू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि दिया गया एवं 1 मिनट का मौन रखकर शोक प्रकट किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा की गोडसे ने झुककर प्रणाम किया और फिर दाग दीं गोलियां. 30 जनवरी की वो काली शाम, जब महात्मा गांधी के हे राम से कांप गया भारत। 30 जनवरी 1948 की शाम भारत के इतिहास की सबसे काली शाम थी, जब महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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हे राम के अंतिम शब्दों के साथ बापू गिर पड़े और पूरा देश स्तब्ध रह गया. इसी दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो बलिदान, अहिंसा और सद्भाव की याद दिलाता है.जनवरी 1948 की दिल्ली की सर्द शाम थी। बिड़ला भवन का में शांति थी। यहां महात्मा गांधी के प्रार्थना का समय हो चला था। लोग इंतजार कर रहे थे, तभी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी धीरे-धीरे आगे बढ़े। शरीर कमजोर था, लेकिन चेहरे पर वही शांति, वही मुस्कान। किसी को अंदेशा नहीं था कि अगले कुछ सेकंड देश की आत्मा को छलनी कर देंगे। एक व्यक्ति भीड़ से निकला, झुका, प्रणाम किया और फिर… गोलियां चल गईं. ‘हे राम’ के शब्द गूंजे और महात्मा गांधी की धोती खून से सन गई। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, यह एक युग का अंत था। इसके पहले भी गोड़से ने गांधी जी को मारने का चार प्रयास कर चुका था लेकिन सफल नहीं हुआ।

30 जनवरी 1948 को उसकी सफलता मिली। आज पूरा देश में सांप्रदायिक शक्तियां देश की गंगा जमुनी तहजीब पर लगातार हमला कर रही है। बात-बात पर अल्पसंख्यकों को ऊपर जुर्म हो रहा है। गांधी जी की सत्य और अहिंसा का नारा के खिलाफ चंद फिरकापरस्त लोग मजबूती से खड़े हैं .भारत की वामपंथी पार्टियों गांधी जी के विचारों को, उनके मूल्यों को लागू करने के लिए लगातार संघर्ष रत है। इस गोष्ठी में भाकपा-माले के सुधीर यादव गोष्ठी में शामिल लोगों को धन्यवाद दिया। इस गोष्ठी में सी पी आई के प्रोफेसर अनवर हुसैन , महेंद्र राम, मोहम्मद मजीद अंसारी, स्वदेशी पासवान, सीपीएम के ईश्वर महतो, तपेश्वर राम भुइयां, सुरेश कुमार दास, भाकपा माले के मदन सिंह, शिव सिंह सहित कई साथियों ने भाग लिया।

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