हज़ारीबाग में अप्रवासी श्रमिकों की समस्या पर नव झारखंड फाउंडेशन की पहल
लेबर कमिश्नर से किशोरी राणा ने की मुलाकात
हज़ारीबाग
प्रवासी श्रमिकों की लगातार बिगड़ती स्थिति और राज्य से बाहर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा, पुनर्वास तथा रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में नव झारखंड फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष किशोरी राणा ने को जिला श्रम अधीक्षक (लेबर कमिश्नर) रवि शंकर से मुलाकात कर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और मांगे रखी। श्री राणा ने कहा कि झारखंड विशेषकर हज़ारीबाग, चतरा, कोडरमा और गिरिडीह क्षेत्रों से प्रतिवर्ष हजारों मजदूर आजीविका की तलाश में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु जैसे राज्यों में पलायन करते हैं। वहां उन्हें बिचौलियों के माध्यम से ठेकेदारों के पास भेजा जाता है, जहां कई बार न तो मजदूरी समय पर मिलती है, न ही रहने और सुरक्षा की व्यवस्था होती है। कई मजदूर बीमार पड़ने या दुर्घटना के शिकार होने पर बिना किसी सहायता के घर लौट आते हैं। मृत्यु के उपरान्त सरकार के द्वारा मदद के लिए दिए जाने वाले पैसे मिलने में भी देरी होती है। श्री राणा ने लेबर कमिश्नर से मांग की कि जिला स्तर पर प्रवासी श्रमिक सहायता प्रकोष्ठ का गठन किया जाए, ताकि बाहर काम करने वाले मजदूरों का डेटा रजिस्टर में दर्ज हो और किसी संकट की स्थिति में उनकी पहचान व सहायता आसानी से की जा सके। साथ ही श्रीमिको के फायदे के स्कीम की जानकारी उन्हें मिले इसके लिए हर ब्लॉक में कैंप लगाकर उनके साथ जानकारी साझा करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को प्रवासी मजदूरों के लिए बीमा सुरक्षा, आकस्मिक सहायता कोष, और स्थानीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना करनी चाहिए, जिससे उन्हें पलायन की विवशता से मुक्ति मिले। लेबर कमिश्नर रवि शंकर ने संगठन के प्रतिनिधियों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि विभाग स्तर पर जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए नई नीतियाँ है। उसकी भी जानकारी दी जायेगी। यह मुलाकात हज़ारीबाग में प्रवासी मजदूरों के अधिकारों को लेकर एक नए संवाद की शुरुआत मानी जा रही है।

