श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल, देवचंदा मोड़ में सरस्वती पूजा श्रद्धा व भक्ति के साथ संपन्न
विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है : रोहित सिंह
बरही
विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के पावन अवसर पर श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल, देवचंदा मोड़ में सरस्वती पूजा श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया। बच्चों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निदेशक रोहित सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी रूबी सिंह ने पूरे विधि-विधान के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण एवं आरती संपन्न हुई। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूरे श्रद्धाभाव से पूजा में भाग लिया। बच्चों में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया और उन्होंने मां सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक रोहित सिंह ने कहा कि मां सरस्वती ज्ञान, संस्कार और विवेक की प्रतीक हैं। विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति आस्था मजबूत होती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं विद्यालय के प्राचार्य कैलाश कुमार ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजन बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, जिसमें शिक्षा के साथ संस्कार भी शामिल हों। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने एक-दूसरे को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसकी अभिभावकों और उपस्थित लोगों ने सराहना की।

