वरिष्ठ शिक्षक नेता बृजनंदन शर्मा का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
हजारीबाग
बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सह अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संरक्षक एवं संघ भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष आदरणीय श्री बृजनंदन शर्मा का रविवार को सुबह करीब 5 बजे 105 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल बिहार और झारखंड बल्कि समूचे देश के प्राथमिक शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शिक्षा जगत ने एक ऐसे महान व्यक्तित्व को खो दिया है, जिनकी भरपाई संभव नहीं मानी जा रही है। स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा को शिक्षकों के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले एक जुझारू नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षक समाज को संगठित करने, उनके हितों की रक्षा करने और प्राथमिक शिक्षा को सशक्त बनाने में समर्पित कर दिया।
उनके आकस्मिक निधन को शिक्षा जगत के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ हजारीबाग के जिला अध्यक्ष मो. जहांगीर अंसारी एवं महासचिव दिलीप सिंहा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका इस तरह चले जाना शिक्षा जगत के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शिक्षकों के हितों के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया, जिसे शिक्षक समाज सदैव स्मरण रखेगा। प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि संघर्षों से भरी लंबी यात्रा के बाद एक अद्वितीय धरोहर का इस धराधाम से प्रस्थान अत्यंत दुखद है।
स्वर्गीय शर्मा शिक्षकों के मसीहा के रूप में पूरे देश के शिक्षकों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। वहीं प्रदेश संयोजक उज्जवल तिवारी ने कहा कि स्वर्गीय शर्मा शिक्षक संगठन में देश-विदेश तक लोकप्रिय थे और उनका जाना शिक्षक समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के निखिल मंडल, मैनेजर सिंह, अमित महतो, जितेंद्र दुबे, निरंजन कुमार के साथ-साथ हजारीबाग से मुसर्रत जहां, इशरत जहां, एहसान मंजर, पंकज कुमार, प्रभात कुमार ओझा सहित कई शिक्षकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की। जिला अध्यक्ष मो. जहांगीर अंसारी ने कहा कि स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा के मार्गदर्शन और सलाह से ही उन्हें प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला द्वारा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने कहा कि मैं जीवन पर्यंत उनके दिखाए मार्ग पर चलूंगा और शिक्षा व शिक्षक हित में सदैव कार्य करता रहूंगा। यही उनके प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा का योगदान शिक्षक समाज और भारतीय प्राथमिक शिक्षा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

