ग्राम देवी प्राण प्रतिष्ठा भूमि पूजन सह ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ श्री श्री 1008 शतचंडी महायज्ञ
2 फरवरी को भव्य कलश यात्रा, 6 फरवरी को हवन-भंडारा, विसर्जन एवं जागरण का आयोजन
सिमरिया
प्रखंड सिमरिया अंतर्गत पंचायत चोपे के ग्राम तोरार में ग्राम देवी प्राण प्रतिष्ठा भूमि पूजन सह ध्वजारोहण के साथ श्री श्री 1008 शतचंडी महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हो गया। 18 जनवरी को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भूमि पूजन संपन्न होते ही पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बन गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सभी ने ग्राम की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। महायज्ञ के आयोजन को लेकर गांव में विशेष उत्साह और उल्लास का माहौल है। पूजा समिति के अनुसार इस महायज्ञ का मुख्य कार्यक्रम 2 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ प्रारंभ होगा, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेंगे। वहीं 6 फरवरी को वैदिक विधि से हवन, भंडारा एवं विधिवत विसर्जन का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 6 फरवरी की संध्या में भक्ति जागरण का भी भव्य कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा।
महायज्ञ पूजा समिति के अध्यक्ष युगल किशोर प्रसाद ने बताया कि भूमि पूजन के साथ ही गांव में धार्मिक अनुशासन लागू कर दिया गया है। जब तक महायज्ञ का समापन नहीं हो जाता, तब तक गांव में मांस, मछली, शराब आदि तामसिक वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि पवित्र और सात्विक वातावरण बना रहे। वहीं महायज्ञ समिति के सचिव अशोक प्रसाद ने कहा कि यह महायज्ञ गांव की सुख-शांति, समृद्धि और सामाजिक एकता के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने गांव के सभी वर्गों के लोगों से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर इस महायज्ञ में भाग लें, सहयोग करें और पुण्य के भागी बनें। महायज्ञ समिति के कोषाध्यक्ष सतीश कुमार एवं सुजीत कुमार, उपाध्यक्ष विजय प्रसाद, संरक्षक सदस्य गोपाल महतो, शिवनंदन प्रसाद, प्रेमलाल प्रसाद, कामेश्वर प्रसाद, दुलारचंद प्रसाद, जानकी प्रसाद सहित समिति के सदस्यगण अमित कुमार, पवन कुमार, पंकज कुमार, नीरज कुमार, जगेश्वर प्रसाद, राजेश प्रसाद, मनोज प्रसाद, उमेश गंझू, रोहित भुईयां, मनोज भुईयां, कारण भुइयां, सोनू, अभय, शनि एवं सभी ग्रामवासियों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि यह महायज्ञ ग्राम तोरार के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा और पूरे क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक जागरण का संदेश देगा।

