बरही में सुरक्षित एवं सशक्त महिला सशक्त झारखंड पर अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
बाल विवाह, डायन प्रथा जैसे सामाजिक कुरीतियों को लेकर किया गया जागरूक
बरही
महिलाओं को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला समाज कल्याण कार्यालय, हजारीबाग के तत्वावधान में बुधवार को बरही नगर भवन में सुरक्षित एवं सशक्त महिला सशक्त झारखंड विषय पर अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सामाजिक कुरीति विदारण योजना, बाल विवाह मुक्त झारखंड, मिशन शक्ति एवं अन्य राज्य स्तरीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित की गई। कार्यशाला का संचालन महिला पर्यवेक्षिका माधवी कुमारी ने किया। कार्यक्रम में अनुमंडल क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाएं, पंचायत सचिव, महिला कर्मी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में मुख्य रूप से जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता, उपाध्यक्ष किशुन यादव, बरही एसडीओ जोहन टुडू, डीएसपी अजीत कुमार बिमल, प्रमुख मनोज रजक, विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, बरही बीडीओ जयपाल महतो, जीप सदस्य प्रतिनिधि गणेश यादव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, पदमा बीडीओ निधि रजवार, चौपारण बीडीओ संजय यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों का स्वागत, दीप प्रज्वलन एवं बाल विवाह पर आधारित जागरूकता फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पूजा राम, मनीषा गुप्ता, किरण कुमारी एवं अन्दू कुमारी सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
स्वागत भाषण जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि बाल विवाह, डायन प्रथा एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के बिना महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य अधूरा है। जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता एवं उपाध्यक्ष किशुन यादव ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त झारखंड का निर्माण संभव है। बरही एसडीओ जोहन टुडू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास की बुनियाद है। बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों के उन्मूलन के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बरही डीएसपी अजीत कुमार बिमल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून उनके साथ खड़ा है। किसी भी प्रकार के अपराध या कुरीति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बरही प्रमुख मनोज रजक ने कहा कि पंचायत स्तर पर जागरूकता फैलाकर बाल विवाह और सामाजिक कुरीतियों को रोका जा सकता है। इसके लिए सभी को मिलकर सतत प्रयास करना होगा। विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर ने कहा कि सरकार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का सही क्रियान्वयन समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगा। बीडीओ जयपाल महतो एवं जिप प्रतिनिधि गणेश यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन और पंचायतों के समन्वय से योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होंगी।
गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचाकर महिला सशक्तिकरण को मजबूती दी जाएगी।कार्यशाला के दौरान राज्य स्तरीय टीम द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सहित विभिन्न राज्य स्तरीय योजनाओं पर आधारित फिल्में दिखाई गईं। साथ ही डायन प्रथा एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को कानून, अधिकारों एवं सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बाल विवाह मुक्त झारखंड सत्र के अंतर्गत उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह एवं डायन प्रथा को समाप्त करने हेतु शपथ दिलाई गई। इसके बाद मिशन शक्ति योजना पर सत्र एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। दोपहर के सत्र में प्रतिभागियों के साथ संवाद एवं भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई, जिसमें जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जागरूकता अभियान चलाने एवं सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेश्वर रजक, महिला पर्यवेक्षिकाएं पूजा राय, अनुराधा पासवान, रुकसाना प्रवीण, विना देवी, अन्विता कुमारी, रेशमी कुमारी, सुनीता कुमारी, रंजीता कुमारी, निभा कुमारी, संयुक्ता कुमारी, इंदु कुमारी, मंजू कुमारी सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मी, जेएसएलपीएस बीपीएम केदार प्रजापति, पायल कुमारी एवं अनुमंडल की सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं। कार्यशाला के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया गया।

