बरही इंटर कॉलेज के प्राचार्य अरुण कुमार दुबे का आकस्मिक निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
1983 से दे रहे थे अपनी सेवाएं, कॉलेज में आर्ट्स के साथ कॉमर्स और साइंस संकाय जोड़कर दी नई दिशा, सरल स्वभाव और समर्पण के लिए रहेंगे याद
बरही
बरही इंटर कॉलेज के प्राचार्य एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद पंचमाधव निवासी अरुण कुमार दुबे का बीते दिनों आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय बुद्धिजीवियों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है। जानकारी के अनुसार दिवंगत प्राचार्य अरुण कुमार दुबे वर्ष 1983 से बरही इंटर कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे थे। लंबे समय तक सेवा देते हुए उन्होंने न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर किया, बल्कि अपनी दूरदृष्टि और प्रयासों से कॉलेज में केवल आर्ट्स संकाय तक सीमित पढ़ाई को विस्तार देते हुए कॉमर्स एवं साइंस संकाय भी शुरू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इससे इलाके के हजारों विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा का लाभ मिला। कॉलेज के शिक्षकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि दिवंगत प्राचार्य अपने सरल, सौम्य स्वभाव, अनुशासनप्रियता और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए सदैव सकारात्मक वातावरण बनाया और उनके व्यक्तित्व निर्माण में अहम योगदान दिया। दिवंगत अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
उनके निधन पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। शोक व्यक्त करने वालों में बरही विधायक मनोज कुमार यादव, पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला, जेएमएम नेता बिनोद विश्वकर्मा, जीप उपाध्यक्ष किशुन यादव, विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक इशो सिंह, महासचिव महेंद्र प्रसाद दुबे, आरएनवाईएम कॉलेज सचिव परमेश्वर यादव, प्राचार्य डॉ. बिमल किशोर, बीएसए संरक्षक अब्दुल मनान वारसी, भाजपा प्रदेश नेता रंजीत चंद्रवंशी, शिक्षाविद् संतोष चौरसिया, संजय दुबे, हरेंद्र गोप, मनोहर यादव, आइलेक्स पब्लिक स्कूल निदेशक डॉ. शैलेश कुमार, डीएवी पब्लिक स्कूल प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार मैढ़, रघुनंदन गोप सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हैं। सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

