धार्मिक आस्था का केंद्र सूरजकुंड धाम परिसर में गंदगी अंबार. पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का रवैया उदासीन
झारखण्ड न्यूज24 बरकट्ठा
जया अहमद
बरकट्ठा। ऐतिहासिक धार्मिक पर्यटक स्थल सूर्यकुण्ड धाम इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाने पर विवस है। सूर्यकुण्ड परिसर में चारों ओर फैली गंदगी, कचरा और जलजमाव से वातावरण दूषित हो गया है। सूरजकुंड में दैनिक रूप से पहुंचने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग इससे काफी परेशान हैं। यहां के पवित्र कुंड में प्रखंड समेत दूर-दराज़ क्षेत्रों से लोग स्नान एवं पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं में नाराज़गी और निराशा बढ़ने लगी है. कुंड के आसपास विभिन्न तरह के प्लास्टिक, गंदा पानी, जानवरों के मल-मूत्र तथा बदबू होने से लोगों को धार्मिक अनुष्ठान करने में भी दिक्कतें हो रही हैं। इस बाबत स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सह झारखंड आंदोलनकारी धीरेंद्र पांडेय ने कहा है कि मुखिया फंड में विगत दो वर्ष से किसी प्रकार का फंड नहीं है। यहां जो भी साफ सफाई का कार्य करवाना है वह निजी खर्चे पर ही निर्भर करता है। ऐसी स्थिति में बार-बार यह खर्चा कहां से आएगा. लेकिन एक-दो दिनों में इसकी साफ सफाई कराने की बात कही है। इस संबंध में जिला परिषद प्रतिनिधि चंद्रकांत पांडेय ने बताया कि साफ सफाई का जिम्मा सूरजकुंड विकास परिषद संस्था को लिखित रूप से मिली है जिनके मालिक बेलकप्पी मुखिया पति धीरेंद्र पांडेय हैं. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से साफ सफाई की मांग किया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की लापरवाही पर्यटन और आस्था दोनों को प्रभावित कर रही है। प्रशासनिक पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का इस धाम के प्रति रवैया उदासीन है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द सफाई अभियान, कचरा निपटान की उचित व्यवस्था और कुंड की नियमित देखरेख कि मांग की है, ताकि सूर्यकुण्ड धाम की ऐतिहासिक एवं धार्मिक गरिमा बनी रहे।

