आईसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से आरएमएमएम प्लस टू उच्च विद्यालय में आयोजित शोध शिखर बाल विज्ञान पर्व में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा
हजारीबाग
आईसेक्ट विश्वविद्यालय हजारीबाग की ओर से आरएमएम प्लस टू उच्च विद्यालय, चंदवारा परिसर में शोध शिखर बाल विज्ञान पर्व का सफल आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक प्रोजेक्ट मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान पर्व का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और प्रयोगात्मक क्षमता को विकसित करना रहा। कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समाजोपयोगी विषयों पर आधारित अपने मॉडल प्रदर्शित किए।
कक्षा 9 में विशाल कुमार एंड ग्रुप के मॉडल को प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि राजीव, मधु, सुमन और संदीप ग्रुप को द्वितीय तथा दिपेश, अनुमान, अंशु और परी के ग्रुप को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
कक्षा 10वीं में सुनैना, ज्योति और नेहा ग्रुप को प्रथम पुरस्कार, जबकि प्रियांशी, निशि, श्रेया और आरुषि ग्रुप को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कक्षा 11वीं में अंशु कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, अमन और प्रेरणा ग्रुप ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया, रोशन, श्रवण व राखी ग्रुप को द्वितीय तथा अमित यादव को तृतीय पुरस्कार मिला।
कक्षा 12वीं में बबलू कुमार, सुमन कुमार ग्रुप को प्रथम तथा राखी कुमारी, आलोक कुमार और प्रिंस कुमार ग्रुप को द्वितीय पुरस्कार दिया गया।
इस मौके पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पीके नायक ने कहा कि ऐसे विज्ञान पर्व विद्यार्थियों को भविष्य का वैज्ञानिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने छात्रों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय स्तर पर नवाचार विकसित भारत की मजबूत नींव है। समकुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने इसे स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान सेतु बताया। वहीं आरएमएम प्लस टू उच्च विद्यालय के प्राचार्य राधेश्याम शुक्ला ने आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में अहम कदम बताया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ रितेश कुमार, राजेश रंजन, सहायक कुलसचिव अमित कुमार, डॉ अजय वर्णवाल, हिमांशु चौधरी, पंकज प्रज्ञा, नेहा सिन्हा, डॉ दीपा गोस्वामी, उदय रंजन, मुकेश कुमार, डॉ माधवी मेहता, रविकांत, डॉ विनय पंजियार, राहुल राजवार, रोहित राणा सहित आरएमएम प्लस टू उच्च विद्यालय प्रबंधन सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

