केन्द्रीय बजट 2026 गरीब, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार विरोधी : सीटू
हजारीबाग
केन्द्रीय बजट 2026 को लेकर मजदूर संगठन सीआईटीयू और सीपीएम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से वित्त पूंजी द्वारा निर्देशित है और इसका मुख्य उद्देश्य बड़े पूंजीपतियों को छूट, राहत और संरक्षण देकर और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में आम जनता के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। देश को चलाने के लिए जरूरी संसाधन, राष्ट्रीय संपत्तियां, सार्वजनिक उपक्रम और प्राकृतिक संसाधन लगातार बेचे जा रहे हैं तथा निजीकरण के जरिए धन जुटाया जा रहा है, जिसका सीधा असर देश और देशवासियों पर पड़ेगा।
गणेश कुमार ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और संप्रभु राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने वाला है। सरकार आम जनता को रोजगार और स्थायी आय देने के बजाय केवल राहत और मुफ्त सुविधाओं पर निर्भर बना रही है, जिससे नागरिक धीरे-धीरे अक्षम होते जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह नीति जनता से काम करने का अधिकार, असहमति व्यक्त करने का अधिकार और विरोध करने का अधिकार भी छीन रही है। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा नुकसान पहुंचेगा और आम नागरिक निहत्था होते चले जाएंगे। सीटू और सीपीएम ने मांग की कि सरकार बजट में संशोधन कर गरीब, मजदूर, किसान, छात्र और युवाओं के लिए ठोस प्रावधान करे, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में वास्तविक सुधार हो सके।

