Ad image

वेक्टर क्लासेज के छात्रों ने नालंदा, पावापुरी और राजगीर का किया शैक्षिक भ्रमण

jharkhandnews024@gmail.com
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now

वेक्टर क्लासेज के छात्रों ने नालंदा, पावापुरी और राजगीर का किया शैक्षिक भ्रमण

बरही

किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में हजारीबाग रोड स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान वेक्टर क्लासेज द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। संस्थान ने अपने चयनित मेधावी छात्रों के लिए बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया। इस दौरान छात्रों ने विश्वविख्यात प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों, पावापुरी के पवित्र जल मंदिर तथा राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप का भ्रमण कर भारत की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नजदीक से जाना। भ्रमण के दौरान छात्रों को नालंदा विश्वविद्यालय के गौरवशाली अतीत, बौद्ध शिक्षा परंपरा, पावापुरी के धार्मिक महत्व और राजगीर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

- Advertisement -

छात्रों ने इन स्थलों की वास्तुकला, ऐतिहासिक तथ्यों और उनसे जुड़े प्रसंगों को प्रत्यक्ष देखकर न केवल ज्ञान अर्जित किया, बल्कि भारतीय सभ्यता की महानता को भी महसूस किया। इस यादगार शैक्षिक यात्रा में दिव्या कुमारी, उत्कर्ष गुप्ता, साक्षी सिंह, शिल्पी गुप्ता, स्नेहा कुमारी, रेशमी कुमारी, रानी कुमारी, शिल्पी कुमारी, पायल, चंचला, कृति शर्मा, आराध्य कुमारी, रिया कुमारी, कल्पना कुमारी, दीपिका कुमारी, सेजल कुमारी, ज्योति कुमारी, पल्लवी शर्मा, विशाल कुमार, विवेक पंडित, मानी कुमार सहित कई होनहार छात्र-छात्राएं शामिल रहे। भ्रमण को सफल बनाने में संस्थान के प्रमुख शिक्षक सुरेंद्र मंडल, दामोदर शर्मा, रोशन आलम, बबलू गुप्ता एवं प्रबंधन टीम की सक्रिय भूमिका रही।

शिक्षकों ने पूरे भ्रमण के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन किया और प्रत्येक स्थल के शैक्षिक महत्व को सरल शब्दों में समझाया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक दीपक गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन का व्यापक दृष्टिकोण देना है। ऐसे शैक्षिक भ्रमण छात्रों में इतिहास के प्रति जिज्ञासा जगाते हैं और वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। कुल मिलाकर यह शैक्षिक भ्रमण छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने न केवल उनके अध्ययन को नई दिशा दी, बल्कि प्राचीन भारत की महान परंपरा और विरासत से उन्हें प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *