वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन ने रचा कीर्तिमान, वर्ष 2025 में 86 शिविरों से 1253 यूनिट रक्त संग्रह
हजारीबाग
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से गठित वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन ने वर्ष 2025 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एसोसिएशन द्वारा वर्ष 2025 में कुल 86 रक्तदान शिविरों का आयोजन कर 1253 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो झारखंड में सर्वाधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने का एक नया कीर्तिमान है। जानकारी देते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं ब्लड मैन के नाम से प्रसिद्ध निर्मल जैन ने बताया कि नवंबर 2020 में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक को नियमित एवं निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन का गठन किया गया था। गठन के बाद से बीते पांच वर्षों में एसोसिएशन ने विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी संस्थाओं एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सहयोग से लगभग 50 हजार यूनिट रक्त संग्रह किया है। वहीं, वर्ष 2025 में कुल 12,108 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन द्वारा एकत्रित रक्त विशेष रूप से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों एवं एचआईवी संक्रमित मरीजों को उनकी पहचान गोपनीय रखते हुए बिना किसी रिप्लेसमेंट के उपलब्ध कराया गया, ताकि उन्हें समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना न करना पड़े।
वर्तमान में 300 से अधिक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एसोसिएशन द्वारा नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। एसोसिएशन के प्रयासों से मां सेवा समिति, फॉर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम, दात्री फाउंडेशन, नारायणी बेंगलुरु के सहयोग से वर्ष 2025 में दो बार थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए एचएलए जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस जांच में कई बच्चों का बोन मैरो मैच पाया गया। इसके बाद कोल इंडिया, स्थानीय सांसद, विधायक एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से इन बच्चों को निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया, जिससे अब उन्हें भविष्य में बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस उपलब्धि पर एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल जैन ने रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, स्वैच्छिक रक्तदाताओं के साथ-साथ ब्लड बैंक के डॉक्टरों, तकनीशियनों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट किया। वहीं, एसोसिएशन के महासचिव विनीत छाबड़ा ने रक्तदान में सहयोग करने वाली सभी संस्थाओं को धन्यवाद देते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सराहना की, विशेषकर अध्यक्ष निर्मल जैन के अथक प्रयासों को इस कीर्तिमान का मुख्य आधार बताया।

