Ad image

आजसू छात्र संघ ने डिग्री विद्यालय में वीडियो बनाने के मामले मे उपायुक्त से की जांच की मांग

jharkhandnews024@gmail.com
4 Min Read
WhatsApp Group Join Now

आजसू छात्र संघ ने डिग्री विद्यालय में वीडियो बनाने के मामले मे उपायुक्त से की जांच की मांग

बब्लू खान

लातेहार:-

- Advertisement -

लातेहार में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) की ओर से संबंधित लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता को पत्र के माध्यम से को एक लिखित आवेदन देकर सरकारी डिग्री कॉलेज मनिका एवं मनिका प्लस टू विद्यालय में नियमों की अनदेखी और छात्रों के हितों से खिलवाड़ का आरोप लगाया गया है। आवेदन में कहा गया है कि मनिका डिग्री कॉलेज में परिसर में बिना किसी वैध अनुमति के छात्र-छात्राओं अश्लील वीडियो एल्बम बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जो पूरी तरह से गलत और नियमों के खिलाफ है। छात्र संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की जानकारी या स्वीकृति के बिना इस तरह की गतिविधि न केवल शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि छात्राओं की शिक्षा और निजता पर भी सवाल खड़े करती है। खासकर बालिक- नाबालिक छात्र-छात्राओं का वीडियो बनाकर सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर डालना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। वीडियो एल्बम में साफ से नजर आ रहा है कि एक तरफ एल्बम शूट किया जा रहा है दूसरी ओर शिक्षक बगल में बैठे हुए हैं इसके बावजूद किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की गई ना ही संबंधित जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की गई, जो चिंताजनक है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वीडियो में विद्यालय की कैंपस में अश्लील गाने में वीडियो बनाया गया है जिससे छात्रों की छवि को नुकसान पहुंचा है। छात्र संघ के नेता आदित्य दुबे एवं नीरज कुमार का कहना है कि इस तरह की हरकतें शिक्षा के माहौल को खराब करती हैं और विद्यालय एव डिग्री कॉलेज को को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में ऐसी मामले और बढ़ सकती हैं। अखिल झारखंड छात्र संघ ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालयों में यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना अनुमति कोई भी बाहरी या आंतरिक व्यक्ति वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी न कर सके। संगठन ने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है, और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाता है तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसमें ज्ञापन सौंपने से लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने तक की रणनीति अपनाई जा सकती है। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी डिग्री कॉलेज में नियमों का पालन कितना सख्ती से हो रहा है। जरूरत है कि शिक्षा विभाग स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखे। तभी छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रह सकेगा और कॉलेज एव विद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित रह पाएगा।

- Advertisement -
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *