चंदवा में झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन का स्थापना दिवस, पलायन–शोषण के खिलाफ सशक्त संघर्ष का ऐलान
बब्लू खान
चंदवा (लातेहार)।
झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चंदवा स्थित श्री रामजतन भवन में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर संगठन के वरिष्ठ साथी बाबूलाल गंझू द्वारा लाल झंडा फहराकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। समारोह की अध्यक्षता धनेश्वर तुरी ने की, जबकि संचालन अनिल साहू ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत टुमारो पंचायत के काली गांव निवासी मजदूर साथी सुट्टा लोहार की त्रिपुरा में संदिग्ध मौत पर दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त करने के साथ की गई। उपस्थित मजदूरों ने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह को संबोधित करते हुए झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद साहू ने कहा कि संगठन की स्थापना 11 जनवरी 2025 को चंदवा के जय हिंद पुस्तकालय सभागार में हुई थी। स्थापना के बाद से ही यूनियन मजदूरों को संगठित कर उनकी आवाज बनने के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि चंदवा ही नहीं, पूरे लातेहार जिले के मजदूर रोजगार के अभाव में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं, जहां उन्हें मजदूरी से वंचित किया जाता है, शोषण–उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है और कई बार अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।
प्रमोद साहू ने प्रशासन और सरकार से पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनरेगा को मजबूत करने के बजाय उसका नाम बदलना केंद्र सरकार की गलत प्राथमिकता को दर्शाता है, जिसका मजदूर यूनियन कड़ा विरोध करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में दलाली, बिचौलियागिरी, अफसरशाही और जमीन दलाल सक्रिय हैं, जो मजदूरों और आदिवासियों की जमीन पर गिद्ध दृष्टि लगाए हुए हैं और औने-पौने दामों पर जमीन की खरीद–फरोख्त की जा रही है।
उन्होंने ऐलान किया कि नए वर्ष में झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन मजदूरों को संगठित कर उनके हक और अधिकार के लिए एक सशक्त आंदोलन की शुरुआत करेगी।
सभा को मोहम्मद अलाउद्दीन पप्पू, माखन प्रसाद चौरसिया, सोमनाथ लोहार, संतोष गंझू, रोहन नायक, इंद्रदेव सिंह, विनोद गंझू, अंजय कुमार, संजय गोप, चैतू, पहलाद यादव, रविंद्र भोक्ता, राजेंद्र तुरी, बाल गोविंद गंझू, सुरेश बस्पति, अनिल उरांव, रामकिशोर भगत, मुकेश उरांव, पवन गंझू, कटका गंझू, नंदलाल सिंह भोक्ता, सकिनर लोहार सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
अंत में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मजदूरों के हितों की रक्षा और संघर्ष के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिसके साथ ही सभा का समापन किया गया।

