दावोस में झारखण्ड के तकनीक आधारित विकास को नई दिशा, इंफोसिस ग्लोबल के साथ एआई और डिजिटल सहयोग पर हुई अहम चर्चा
दावोस/रांची
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ग्लोबल आईटी कंपनी इंफोसिस (कैलिफ़ोर्निया) के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री आशीष कुमार दास के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस अवसर पर झारखण्ड के दीर्घकालिक विकास विज़न, तकनीक आधारित औद्योगिक प्रगति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से राज्य के विकास को नई गति देने को लेकर व्यापक और उत्साहवर्धक चर्चा हुई। बैठक के दौरान इंफोसिस के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व, कार्यशैली और विकासात्मक सोच की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा युवाओं के पुनः कौशल विकास (री-स्किलिंग), टेक्नोलॉजी टॉवर की परिकल्पना तथा खनन क्षेत्र में उन्नत तकनीकी हस्तक्षेपों के जरिए डिजिटल परिवर्तन की योजना को प्रेरणादायक बताया।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि झारखण्ड के युवाओं को डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े आधुनिक कौशलों से सशक्त किया जाएगा। इस दिशा में इंफोसिस के ‘विंग्सपैन’ प्लेटफॉर्म की संभावित भूमिका पर आगे विस्तृत चर्चा करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके माध्यम से राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुखी तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। इंफोसिस द्वारा विकसित एआई आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधानों को झारखण्ड के खनन क्षेत्र में लागू करने पर भी चर्चा हुई। इन समाधानों से खनन कार्यों में उत्पादकता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
इस विषय पर फरवरी माह में एक वर्चुअल सत्र आयोजित करने पर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। इंफोसिस ग्लोबल की ओर से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, मुख्य सचिव एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘इंफोसिस हाउस’ भ्रमण का आमंत्रण दिया गया, जहां कंपनी द्वारा विकसित अत्याधुनिक एआई आधारित नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। दावोस में आईटी, एआई और अन्य उभरती तकनीकों को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की लगातार हो रही बैठकों को झारखण्ड के डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास और तकनीक आधारित औद्योगिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ये पहलें युवा झारखण्ड को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

