मनरेगा का नाम बदलना गांधी के आदर्शों का अपमान, भाजपा झूठ और भ्रम की राजनीति कर रही है : राकेश सिन्हा
रांची
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के अस्तित्व और उनके आदर्शों को मिटाकर गांधी के सपनों का भारत नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए राम का नाम न्याय, सत्य और धर्म का प्रतीक है, जबकि भाजपा के लिए राम का नाम धर्म, आस्था और विश्वास को बेचकर मुनाफा कमाने का जरिया बन गया है। राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा 2047 तक विकसित भारत की बात करती है, लेकिन अपने 12 वर्षों के शासनकाल में देश के 80 करोड़ लोगों को मात्र 5 किलो राशन पर आश्रित कर दिया है। झूठे सपने दिखाना भाजपा के एजेंडे का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बाबूलाल मरांडी को याद दिलाते हुए कहा कि मनरेगा से जुड़ा बड़ा घोटाला उन्हीं के शासनकाल में सामने आया था, जिसमें एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जेल जाना पड़ा था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से 2019 के बीच झारखंड में मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल संचयन, सिंचाई सुविधाएं, भूमि विकास, ग्रामीण संपर्क पथ (ग्रामीण सड़कें), वानिकी एवं वृक्षारोपण, बाढ़ नियंत्रण, सुरक्षा कार्य तथा व्यक्तिगत परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। सिन्हा ने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी तथ्य जानते हुए भी झूठ और अनर्गल बयानबाजी करने से नहीं चूकते। कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस गरीबों और वंचितों की पार्टी है, जबकि पूंजीपतियों के लाखों करोड़ रुपये माफ करने वाली भाजपा को गरीबों की चिंता आखिर कब से होने लगी। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलकर वीभीजी राम जी किए जाने को महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान और गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है और नाम बदलकर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। राकेश सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने के साथ-साथ इसका आर्थिक बोझ राज्यों पर डाल दिया है। पंचायतों के जिन अधिकारों के तहत यह योजना संचालित होती थी, उन्हें छीनकर एक केंद्रीकृत व्यवस्था के हवाले किया जा रहा है।
उन्होंने भाजपा पर झूठ और भ्रम फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार पुरानी योजनाओं का नाम बदलने के अलावा कुछ नया नहीं कर रही और यह पूरी तरह गरीब विरोधी नीति है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पार्टी देश की बेटियों की अस्मिता लूटने वालों को संरक्षण देती है, उसके लिए भगवान श्रीराम कभी आदर्श नहीं हो सकते। सिन्हा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लगातार मनरेगा के बजट में कटौती की है। वर्ष 2023-24 के बजट में 34 प्रतिशत की कटौती कर बजट को 89,154.65 करोड़ रुपये से घटाकर 60,032.65 करोड़ रुपये कर दिया गया, जिससे ग्रामीण रोजगार के अवसरों में भारी कमी आई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे में 125 दिन रोजगार की गारंटी की बात पूरी तरह झूठी है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

