प्राचीन पंचमुखी विश्वकर्मा मंदिर में श्रद्धा के साथ मना विश्वकर्मा प्रकट दिवस
रांची
रांची के चुन्ना भट्ठा स्थित प्राचीन पंचमुखी विश्वकर्मा मंदिर में भगवान विश्वकर्मा का प्रकट दिवस शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूजा के उपरांत भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। कार्यक्रम के समापन पर महाभोग के रूप में खीर प्रसाद का वितरण किया गया। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का सफल संचालन कार्यकारी अध्यक्ष विक्रांत विश्वकर्मा के नेतृत्व में किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर अध्यक्ष निरंजन शर्मा ने की।
महाभोग प्रसाद हेतु सामग्री की व्यवस्था विनय कुमार शर्मा, निरंजन शर्मा एवं डॉ. रामदयाल शर्मा द्वारा की गई। वहीं खीर निर्माण का कार्य रमेश शर्मा, उपेंद्र शर्मा, अर्जुन शर्मा, मनोज शर्मा सहित कमेटी के अन्य सहयोगियों ने सामूहिक रूप से संपन्न किया। पूजन-उत्सव में विक्रांत विश्वकर्मा, नीरज प्रजापति, अर्जुन शर्मा, मनोज शर्मा, डॉ. रामदयाल शर्मा, रमेश शर्मा, राकेश शर्मा, अजय शर्मा, अरुण सिंह, ओम शर्मा, शंभू शर्मा, प्रमोद सोनी सहित बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह मंदिर विश्वकर्मा वंशजों—लोहार, बढ़ई, ठठेरा, कसेरा, कुम्हार एवं सुनार की एकता का प्रतीक है, जहाँ सभी समुदाय एक मंच पर आकर पूजा-अर्चना करते हैं। परंपरागत रूप से यहां विश्वकर्मा वंशजों के पूर्वजों द्वारा औजारों की पूजा की जाती रही है। बाद में पंचमुखी स्वरूप में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर नियमित पूजा प्रारंभ की गई। यह मंदिर विश्वकर्मा वंशजों की विरासत, संस्कृति और आस्था को जीवंत रूप से दर्शाता है। कार्यक्रम की सफलता पर अध्यक्ष निरंजन शर्मा ने सभी सहयोगियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए विश्वकर्मा प्रकट दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

