पंडित चिन्तामणि त्रिपाठी ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय विवाह संपन्न कराकर हल्दीपोखर के साथ साथ क्षेत्र का भी बढ़ाया मान
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर जनपद के एक छोटे से गांव नगवा सुहई के एक साधारण गरीब परिवार में जन्मे पर्यावरण प्रेमी, शिक्षाविद, हास्य कवि, सरल स्वभाव तथा बहुमुखी प्रतिभा के धनी +2 विद्या निकेतन उच्च विद्यालय हल्दीपोखर के संस्कृत शिक्षक चिन्तामणि त्रिपाठी ने झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर प्रकृति की सुंदर गोद में बसा हुआ खूंटी जनपद में स्थित लतरातू नेचर रिसॉर्ट में 5 फरवरी 2026 को संपन्न हुए इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय विवाह समारोह को अपने आचार्यत्व में संपन्न करा कर हल्दीपोखर के साथ ही पूर्वी सिंहभूम तथा प्रदेश एवं देश का भी नाम उज्ज्वल करने वाले व्यक्तियों की सूची में स्वयं को स्थापित किया है। चिंतामणि त्रिपाठी की यह प्रयास तथा उपलब्धि किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।झारखंड के इस रिसॉर्ट में प्रथम बार विदेशी व्यक्ति द्वारा वैदिक सनातन भारतीय परंपरा से विवाह संस्कार समारोह को संपन्न कराना उनके साथ-साथ हल्दीपोखर के लिए भी गर्व की बात है। इस ऐतिहासिक विवाह समारोह को संपन्न कराने तथा भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति रीति रिवाज एवं परंपराओं तथा संस्कारों को जीवित रखने व प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए के लिए जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल, मुखिया देवी कुमारी भूमिज, नरेंद्र कुमार, डॉ. ए. के. लाल, सुरेश महापात्र, कमलेश मिश्र, राकेश मिश्र, वीरेंद्र सिंह, शंकर गुप्ता, अनूप गुप्ता, संजय सरदार,सूर्य कर, राजेश त्रिपाठी, सुनील कुमार दे आदि के साथ विभिन्न व्यक्तियों तथा समाजसेवी, संस्थाओं ने अपनी ओर से हार्दिक आभार सह शुभकामनाएं व्यक्त की।

