माताजी आश्रम में चार दिवसीय भगवान रामकृष्ण देव की 191 जयंती सह आश्रम का 88 वां वार्षिक उत्सव का हुआ आज शुभारंभ
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
भगवान रामकृष्ण देव धर्म समन्वय की प्रतिमूर्ति है:उदय महाराज
माताजी आश्रम एक आदर्श धार्मिक प्रतिष्ठान है:संजीव सरदार
माताजी आश्रम आध्यात्मिक और सेवा धर्म का केंद्र बन चूका है: शेखर दे
माताजी आश्रम में चार दिवसीय भगवान रामकृष्ण देव की 191 वीं जयंती सह आश्रम का 88 वां वार्षिक उत्सव आज पहला दिन धूमधाम से मनाया गया।सुबह 5 बजे प्रभाती कीर्तन और 7 बजे श्री श्री चंडी पाठ कार्यक्रम का आयोजन हुआ जो सुधांशु मिश्र के द्वारा किया गया ।सुबह 9 बजे ठाकुर ज़ी की बिशेष पूजा हुई जो मधुसूदन भट्टचार्ज ने किया।9.30 बजे माताजी आश्रम के भक्त गण द्वारा रामकृष्ण देव की जीवनी के ऊपर लीलागीति प्रस्तुत की गई। 10.30 बजे धर्म सभा हुई जिसमें उदय महाराज, महादेव महाराज, रवीन महाराज, विधायक संजीव सरदार,शेखर दे, डाक्टर अरविंद कुमार लाल करुणामय आदि ने भाग लिया।कमल कांति घोष ने रामकृष्ण संगीत प्रस्तुत किया।सुनील कुमार दे ने स्वागत भाषण देते हुए आश्रम का क्रिया कलापो पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर उदय महाराज ने कहा भगवान रामकृष्ण देव धर्म समन्यय की प्रति मूर्ति है।आज भी उनकी उदार धर्म और वाणी प्रासंगिक है।पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा माताजी आश्रम एक आदर्श धार्मिक प्रतिष्ठान है जो सालो भर धार्मिक और सेवा मुलक काम करते हुए आ रहा है ।शेखर दे ने कहा माताजी आश्रम एक आध्यात्मिक और सेवा प्रतिष्ठान है जो निरंतर अच्छा काम कर रहा है। झारखण्ड का एक धार्मिक धरोहर है माताजी आश्रम। 12 बजे कोलकाता विवक भारती सोसाइटी द्वारा गीति आलेख ,भक्त भैरव गिरीश चंद्र, प्रस्तुत की गई जो लोगों को काफ़ी पसंद आया। 12.30 बजे ठाकुर ज़ी की भोग, आरती, पुष्पांजलि, होम का आयोजन हुआ,1 बजे महा प्रसाद का वितरण हुआ,अपराह्न 2 बजे रामकृष्ण कथामृत पाठ कमल कांति घोष के द्वारा किया गया, उसके बाद भक्ति संगीत हुआ जिसमें मधुमिता कुंडू, पूनम मण्डल, भास्कर दे, तरित मण्डल, प्रवीर दास, पतित पावन दास आदि कलाकारों ने भाग लिया।अंत में कालिंदी नव नाट्य समिति द्वारा हरिनाम संकीर्तन और हरिलूट किया गया।अंत में धन्यवाद ज्ञापन दुलाल मुखर्जी ने किया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार साहू और आनंद साहू ने किया।इस अवसर पर रघु नंदन बनर्जी, हीरालाल दे, शंकर चंद्र गोप,कृष्ण पद मण्डल, मोहितोष मण्डल, विश्वामित्र खण्डायत, मोनी पाल, मृणाल पाल, संजय साव, तरुण दे, अमल बिस्वास, संजीव सह, महेश बियानी, रामकृष्ण सरदार, सुधीर सरदार, मोहितोष गोप, कृष्ण गोप, संतोष मण्डल, बीरेंद्र मण्डल, नारायण चटरजी, हिरन महतो, सनातन महतो, पूजा महतो, लोचोना मण्डल, चीनू माँ, सिमी पालित, कविता भट्टचाज़ी, बन्दना मण्डल, बेला रानी मण्डल, काजल मण्डल, सुजाता मरल, ब्रह्म पद मरल, बेबी मण्डल, राजेश राज, अंजलि भट्टचाज़ी, मलय सेन, हरगौरी महतो,कविता महतो तपन मण्डल, पूजा महतो के अलावे विभिन्न गाँव तथा जमशेदपुर के काफ़ी संख्या में भक्त और महिलाये उपस्थित थे।

