मुहुलडिहा में आयोजित सात दिवसीय मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का हवन एवं भंडारा संपन्न
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
कोवाली अंतर्गत मुहूलड़िहा गांव में श्री श्री राधा गोविंद भागवत सेवा संघ दक्षिण पोटका की ओर से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा भक्ति सह ज्ञान यज्ञ कि विश्राम दिवस पर शनिवार को हवन पूर्णाहुति एवं भंडारा का आयोजन किया गया। इसी पूर्णाहुति के साथ भागवत कथा का विश्राम हो गया ।कथा स्थल पर वैदिक मंत्रोंचारण के मध्य हवन यज्ञ का आयोजन किया गया । जिसमें सैकड़ो भक्तगण शामिल हुए , सबों ने यज्ञ में आहुति देकर क्षेत्र की खुशहाली और विश्व के सुख, शांति एवं उत्तम स्वास्थ के लिए कामना की। हवन के महत्व की जानकारी देते हुए शास्त्री जी महाराज ने कहा कि यज्ञ का धुंआ वातावरण एवं वायुमंडल को शुद्ध करने के साथ-साथ लोगों में आत्म बल को बढ़ाता है यज्ञ करने से प्राकृतिक वातावरण में शुद्धता आती है। भक्तों की साधना से खुश होकर भगवान रिझ जाते हैं। कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उत्तर हीं पारा। हवन को सफल बनाने में ब्राम्हण देवव्रत भट्टाचार्य व आयोजक मंडली के अध्यक्ष रामेश्वर पात्र, मोहनलाल सरदार , महानंद रजक ,जयहरी सिंह मुंडा, दिनेश कुमार गुप्ता, आशुतोष मंडल, रंजीत महाकुड़, नरोत्तम दास,नयन बाछाड़,गुरूचरण दास, विकास सिंह, कृष्णा बनर्जी, श्रिकान्त मंडल, लक्ष्मीनाथ, भद्रा मंडल,सुमन मंडल , गौतम मंडल, गौरीशंकर पात्रों, सुब्रत मंडल आदि का विशेष योगदान रहा।

