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केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम संपन्न

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केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम संपन्न

हजारीबाग

जिला कांग्रेस के तत्वावधान में केन्द्र सरकार द्वारा महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ( मनरेगा ) से महात्मा गांधी के नाम हटाए जाने के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक स्थित डाॅ.भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के निचे एक दिवसीय उपवास एंव प्रतीकात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने कहा कि मनरेगा से महत्मा गांधी का नाम मिटाना सोचा-समझा राजनीति से प्रेरित है । उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाने का सचेत निर्णय वैचारिक है । गांधी जी की श्रम की गरिमा, समाजिक न्याय और सबसे गरीबों के प्रति राज्य की नैतिक जिम्मेदारी के प्रतीक है । यह नाम परिवर्तन गांधी जी के मुल्यों के प्रति भाजापा-आरएसएस की दीर्घकालिक असहजता और अविश्वास को दर्शाता है तथा एक जन केन्द्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने का प्रयास है ।
प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा ने कहा कि प्रस्तावित नया विधेयक उस कानूनी काम के अधिकार को समाप्त कर देता है जो, मनरेगा ने प्रदान किया था ।

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यह मांग आधारित, वैधानिक अधिकार की जगह एक केन्द्र नियंत्रित योजना लाता है, जिसमे न तो रोजगार की कोई कानून लागू की जा सकने वाली गारंटी है न सार्वभौमिक कबरेज और न ही यह आश्वासन कि आवश्यकता के समय लोंगो को काम मिलेगा । वस्तुत: काम के अधिकार को ही समाप्त किया जा रहा है मनरेगा के तहत मजदुरी के वित्तपोषण की प्राथमिक जिम्मेवारी केन्द्र सरकार की थी, जिससे यह एक वास्तविक राष्ट्रीय रोजगार गारंटी बनाती थी । प्रदेश सचिव बिनोद सिंह ने कहा कि नया विधेयक इस जिम्मेदारी से पिछे हटना चाहती है, बोझ राज्यों पर डालता है, आवंटनों पर सीमा लगता है और मांग आधारित कार्यक्रम की बुनियाद को कमजोर करता है । इससे संघवाद कमजोर होता है और वित्तीय बाधाओं के कारण राज्यों को काम की मांग दबाने के लिए मजबूर होना पड़ता है ।

प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह ने कहा कि गांधी जी की विरासत, श्रामिकों के अधिकार और संघीय जिम्मेदारी पर यह संयुक्त हमला भाजापा-आरएसएस की उस बड़ी साजिश को उजागर करता है, जिसके तहत अधिकार आधारित कल्याण को समाप्त कर केन्द्र नियंत्रित दया-दान की व्यव्स्था से बदला जा रहा है । कार्यक्रम के पश्चात इन्द्रपुरी चौक स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री पुण्यतिथि पर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनहे श्रद्धांजली दी गई । मौके पर प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी ओबीसी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नागवाला सचिव रेणु कुमारी, कोमल कुमारी, वरिष्ठ कांग्रेसी विरेन्द्र कुमार सिंह, लाल बिहारी सिंह, अजय गुप्ता, दिगम्बर मेहता, मकसुद आलम, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, दिलीप कुमार रवि, विजय कुमार सिंह, जावेद इकबाल, रघु जायसवाल, उदय पाण्डेय, ओमप्रकाश गोप, संगीता कुमारी, ओमप्रकाश पासवान, डाॅ.प्रकाश यादव, गुड्डू सिंह, मुस्ताक अंसारी, रिंकू कुमार, अनिल कुमार भुईंया, बाबु खान, दरगाही खान, मोहम्मद वारिस, नरसिंह प्रजापती, अजय प्रजापती, नौशाद आलम, मंसुर आलम, निसार अहमद भोला, नागेश्वर मेहता, पंचम पासवान, राजीव कुमार मेहता, विवेक कुमार पासवान, विवेक चौरसिया, मोहम्मद शहबान रजा, अर्जुन नायक, माशूक रजा, राजेश कुमार, शब्बा करीम, सदरूल होदा के अतिरिक्त कई कांग्रेसी उपस्थित थे ।

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