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खेत बचाव अभियान एवं महिला कृषक कार्यशाला का आयोजन, वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी

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खेत बचाव अभियान एवं महिला कृषक कार्यशाला का आयोजन, वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी

हजारीबाग

मेरा गांव, मेरा गौरव अभियान के तहत ग्राम पंचायत गुरहेत में खेत बचाव अभियान एवं महिला कृषक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र, गौरियाकरमा बरही के तत्वावधान में तथा हस्तशिल्प विकास संस्थान, हजारीबाग के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत गुरहेत के मुखिया महेश तिग्गा ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय की महिला कृषकों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक बनाना था।

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कार्यक्रम में महिला किसानों को गुणवत्तायुक्त बीजों के चयन, आधुनिक खेती की पद्धतियों, जल संरक्षण, मिट्टी प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने संसाधनों के प्रभावी उपयोग और कृषि में नई तकनीकों के समावेश पर भी प्रकाश डाला। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मुकेश कुमार तिवारी, डॉ. मनोज चौधरी, डॉ. कृष्ण प्रकाश एवं डॉ. रंजीत सिंह उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीजों के चयन, जल प्रबंधन तथा कीट-पतंगों से फसलों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र लिए।

इस दौरान समूह चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें महिला कृषकों ने अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा। विशेषज्ञों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवहारिक सुझाव देकर किसानों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिला कृषकों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों और बेहतर बीजों के उपयोग से फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि संभव है। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। हस्तशिल्प विकास संस्थान एवं भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रतिनिधियों ने बताया कि महिलाओं को कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं, अनुदान (सब्सिडी) और तकनीकी सहायता की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे कृषि गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि के माध्यम से रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

कार्यक्रम के अंत में रोजगार सृजन और आय वृद्धि के विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श किया गया तथा ग्रामीण महिलाओं को भविष्य में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से गांवों में कृषि विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इस अवसर पर हस्तशिल्प विकास संस्थान, हजारीबाग के सचिव नरेश ठाकुर, पंकज कुमार, उमा कुमारी, किरण देवी, नीलम कुमारी, रीता देवी सहित बड़ी संख्या में महिला कृषक एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

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