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डालसा की न्याय रथ,ग्रामीणों में फैला रही है कानूनी जागरूकता
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
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डालसा की न्याय रथ,ग्रामीणों में फैला रही है कानूनी जागरूकताराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA)नई दिल्ली,झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण(JHALSA)रांची एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA)जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में संचालित 90 दिवसीय सघन विधिक जागरूकता सह जनसंपर्क अभियान के अंतर्गत शनिवार को डालसा की न्याय रथ पोटका प्रखंड के विभिन्न पंचायतों एवं गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक किया।यह अभियान डालसा,जमशेदपुर के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं निर्देश पर संचालित किया जा रहा है।अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा विधिक सहायता एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचाना है।अभियान के दौरान न्याय रथ सबसे पहले हल्दीपोखर पंचायत के भिलाईडीह गांव पहुंची,जहां विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को बाल विवाह,बाल मजदूरी, डायन प्रथा,मानव तस्करी,घरेलू हिंसा, साइबर अपराध एवं साइबर ठगी,वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के अधिकारों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों की रक्षा हेतु उपलब्ध कानूनी प्रावधानों और सरकारी सहायता योजनाओं की भी जानकारी दी गई।इसके उपरांत न्याय रथ रसुनचोपा पंचायत के सारशे गांव पहुंची,जहां ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना,पॉक्सो अधिनियम(POCSO Act),महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा संबंधी कानूनों तथा जरूरतमंद,शोषित एवं पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।शिविर में उपस्थित लोगों को बताया गया कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बिना किसी शुल्क के अधिवक्ता एवं अन्य कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।साथ ही पात्र लाभुकों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का भी भरोसा दिलाया गया तथा पंचायत स्तर पर संचालित विधिक सहायता केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई।शिविर के दौरान ग्रामीणों ने एक गंभीर समस्या से टीम को अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि दो एकल अभिभावकों के बच्चों का आधार कार्ड नहीं होने के कारण निकटवर्ती विद्यालय में उनका नामांकन नहीं किया जा रहा है,जिससे वे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डालसा की टीम ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक से मुलाकात कर स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत किसी भी बच्चे को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रखा जा सकता।टीम ने बच्चों का शीघ्र नामांकन सुनिश्चित करने का आग्रह किया तथा आवश्यक विधिक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया।ग्रामीणों ने डालसा द्वारा दूरस्थ एवं सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचकर कानूनी जागरूकता फैलाने की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान से आम लोगों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ रहा है तथा जरूरतमंद लोगों को न्याय प्राप्त करने का मार्ग सरल हो रहा है।शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाएं,पुरुष,युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे और उन्होंने विधिक जानकारी को गंभीरता से सुना तथा अपनी समस्याएं भी टीम के समक्ष रखीं।आज के अभियान में डिप्टी एलएडीसी राजेश श्रीवास्तव,असिस्टेंट एलएडीसी अभिनव साव,पीएलए मेंबर गौतम घोष(झालसा)एवं नंदजी (जमशेदपुर)उपस्थित रहे।वहीं अभियान को सफल बनाने में पीएलवी बालेश्वर दास,सुजय दत्ता,चयन कुमार मंडल,डोबो चकिया,छाकु माझी, ललिता पुरान,मीरा मंडल,कुरुमीता मुर्मू,सबिता सोरेन,बसंती सरदार, राजेश माहली,गौतम सरदार,दुलाल चंद्र मंडल सहित अन्य पीएलवी एवं स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

