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महेंद्र गुप्त की जयंती के साथ माताजी आश्रम का आठ द्विवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव धूमधाम से सम्पन्न

Suresh Mahapatra
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महेंद्र गुप्त की जयंती के साथ माताजी आश्रम का आठ द्विवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव धूमधाम से सम्पन्न

 

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महेंद्र गुप्त की जयंती के साथ माताजी आश्रम का आठ द्विवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव धूमधाम से सम्पन्नपोटका प्रखण्ड के रसुन चोपा गांव में माताजी आश्रम के द्वारा महेंद्र गुप्त की जयंती धूमधाम से मनाई गई।इसी के साथ माताजी आश्रम द्वारा संचालित आठ द्विवसीय कथामृत उत्सव का भी समापन हुआ।कथामृत उत्सव का 18 वर्ष था।इस वर्ष 7 जुलाई को हलुदपुकुर गांव में श्याम सुन्दर सरकार के घर में ,8 जुलाई को हलुद पुकुर गांव के सुलेखा पालित के घर में,9 जुलाई को हलुदपुकुर गांव के झूमा सरकार के घर में,10 जुलाई जामबनी गांव के राधा माधव मंदिर में, 11 जुलाई को पोड़ा भालकी गांव में सार्बजनिक रूप में,12 जुलाई को माताजी आश्रम में दुलाल मुखर्जी के द्वारा,13 जुलाई को माताजी आश्रम हाता में नीलकमन पाल के द्वारा तथा 14 जुलाई को कथामृत उत्सव रासुनचोपा गांव में समापन हुआ जिसका आयोजन संतोष मंडल और बेला रानी मंडल ने किया।संध्या 6.30 बजे ठाकुर,माँ,स्वामीजी और महेंद्र गुप्त की पूजा अर्चना और आरती की गई।उसके बाद आयोजक संतोष मण्डल ने उपस्थित भक्त जनों को स्वागत किया।शंकर चंद्र गोप ने आठ दिवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव की आयोजको तथा भक्त जनों को सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।सुनील कुमार दे ने महेंद्र गुप्त की महान जीवनी पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा रामकृष्ण कथामृत महेंद्र गुप्त की 240 दिनों की डायरी है।जिस जिस दिन उन्होंने भगवान रामकृष्ण देव के समक्ष गए थे और उनके मुंह से उनकी अमृत वाणी सुनी थी उसी का वर्णन है रामकृष्ण कथामृत में।उसके बाद कमल कांति घोष ने रामकृष्ण कथामृत पाठ किया।उन्होंने कहा रामकृष्ण कथामृत इस युग का भागवत है जो महेंद्र गुप्त ने लिखा है।महेंद्र गुप्त इस युग के वयासदेव है।अगर महेंद्र गुप्त नहीं होते तो हमें इस महान धार्मिक ग्रंथ रामकृष्ण कथामृत नहीं मिलता।रामकृष्ण कथामृत एक सार्वजनिक धर्म ग्रंथ है जिसमें हर समस्या का समाधान मिलता है।उसके बाद भक्ति संगीत का आयोजन किया गया जिसमें,भास्कर दे, सुनील कुमार दे,पतितपावन दास,प्रवीर दास,सावित्री गोप,बादल मामा, गदाधर दास,पूनम मण्डल, तरुण दे, सुधांशु मिश्र, माताजी आश्रम के भक्त महिलाएं तथा भुइयाडीह कालिंदी समिति के भक्तगन ने भाग लिया।उसके बाद बेला रानी मण्डल ने मां सारदा देवी और सुधांशु मिश्र ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी और वाणी पाठ कीlअनुष्ठान के अंत में हरिनाम संकीर्तन और हरि लूट के साथ संपन्न हुआ। धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मण्डल ने किया तथा अनुष्ठान का संचालन सुनील कुमार दे ने किया।इस अवसर पर,कृष्ण पद मंडल, तपन मण्डल, अर्जुन मुदी ,तरुण मंडल,तरुण दे, सुधांशु मिश्र,स्वपन मंडल,अंजलि मंडल,छबि रानी मण्डल, सुबोध मंडल,अमित मंडल,सावित्री गोप,तपन कुमार मंडल,काजल मंडल,बुलु रानी मंडल,बेला रानी मंडल,बिमल मंडल,बन्दना मंडल,असित मंडल, सहदेव मण्डल, मोनिका मण्डल, तुसार मन्दाकिनी, बलराम गोप के अलावे जमशेदपुर और विभिन्न गांव के काफी संख्या में भक्तगण उपस्थित थेl

पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट 

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पोटका प्रखण्ड के रसुन चोपा गांव में माताजी आश्रम के द्वारा महेंद्र गुप्त की जयंती धूमधाम से मनाई गई।इसी के साथ माताजी आश्रम द्वारा संचालित आठ द्विवसीय कथामृत उत्सव का भी समापन हुआ।कथामृत उत्सव का 18 वर्ष था।इस वर्ष 7 जुलाई को हलुदपुकुर गांव में श्याम सुन्दर सरकार के घर में ,8 जुलाई को हलुद पुकुर गांव के सुलेखा पालित के घर में,9 जुलाई को हलुदपुकुर गांव के झूमा सरकार के घर में,10 जुलाई जामबनी गांव के राधा माधव मंदिर में, 11 जुलाई को पोड़ा भालकी गांव में सार्बजनिक रूप में,12 जुलाई को माताजी आश्रम में दुलाल मुखर्जी के द्वारा,13 जुलाई को माताजी आश्रम हाता में नीलकमन पाल के द्वारा तथा 14 जुलाई को कथामृत उत्सव रासुनचोपा गांव में समापन हुआ जिसका आयोजन संतोष मंडल और बेला रानी मंडल ने किया।

संध्या 6.30 बजे ठाकुर,माँ,स्वामीजी और महेंद्र गुप्त की पूजा अर्चना और आरती की गई।उसके बाद आयोजक संतोष मण्डल ने उपस्थित भक्त जनों को स्वागत किया।शंकर चंद्र गोप ने आठ दिवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव की आयोजको तथा भक्त जनों को सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।सुनील कुमार दे ने महेंद्र गुप्त की महान जीवनी पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा रामकृष्ण कथामृत महेंद्र गुप्त की 240 दिनों की डायरी है।जिस जिस दिन उन्होंने भगवान रामकृष्ण देव के समक्ष गए थे और उनके मुंह से उनकी अमृत वाणी सुनी थी उसी का वर्णन है रामकृष्ण कथामृत में।उसके बाद कमल कांति घोष ने रामकृष्ण कथामृत पाठ किया।उन्होंने कहा रामकृष्ण कथामृत इस युग का भागवत है जो महेंद्र गुप्त ने लिखा है।महेंद्र गुप्त इस युग के वयासदेव है।अगर महेंद्र गुप्त नहीं होते तो हमें इस महान धार्मिक ग्रंथ रामकृष्ण कथामृत नहीं मिलता।रामकृष्ण कथामृत एक सार्वजनिक धर्म ग्रंथ है जिसमें हर समस्या का समाधान मिलता है।

उसके बाद भक्ति संगीत का आयोजन किया गया जिसमें,भास्कर दे, सुनील कुमार दे,पतितपावन दास,प्रवीर दास,सावित्री गोप,बादल मामा, गदाधर दास,पूनम मण्डल, तरुण दे, सुधांशु मिश्र, माताजी आश्रम के भक्त महिलाएं तथा भुइयाडीह कालिंदी समिति के भक्तगन ने भाग लिया।उसके बाद बेला रानी मण्डल ने मां सारदा देवी और सुधांशु मिश्र ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी और वाणी पाठ कीl

अनुष्ठान के अंत में हरिनाम संकीर्तन और हरि लूट के साथ संपन्न हुआ। धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण मण्डल ने किया तथा अनुष्ठान का संचालन सुनील कुमार दे ने किया।इस अवसर पर,कृष्ण पद मंडल, तपन मण्डल, अर्जुन मुदी ,तरुण मंडल,तरुण दे, सुधांशु मिश्र,स्वपन मंडल,अंजलि मंडल,छबि रानी मण्डल, सुबोध मंडल,अमित मंडल,सावित्री गोप,तपन कुमार मंडल,काजल मंडल,बुलु रानी मंडल,बेला रानी मंडल,बिमल मंडल,बन्दना मंडल,असित मंडल, सहदेव मण्डल, मोनिका मण्डल, तुसार मन्दाकिनी, बलराम गोप के अलावे जमशेदपुर और विभिन्न गांव के काफी संख्या में भक्तगण उपस्थित थेl

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