सोनू कुमार की रिपोर्ट
राजस्थान में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ 32 दरिंदों द्वारा सामूहिक दरिंदगी का मामला सामने आया है। बच्ची ने 5 दिन तक ICU में जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ी, लेकिन कल उसने दम तोड़ दिया।
यह घटना सिर्फ एक बच्ची की मौत नहीं है, बल्कि पूरे समाज और इंसानियत के लिए एक बड़ा सवाल है।
इस जघन्य अपराध की खबर से पूरे देश में गुस्सा और शोक की लहर है।
*AIMIM जिला संयोजक आफताब आलम ने जताई नाराजगी*
इस घटना पर *AIMIM जिला संयोजक आफताब आलम* ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “यह केवल अपराध नहीं, यह हैवानियत की हद है। एक 13 साल की मासूम ने जो दर्द सहा है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।”
आफताब आलम ने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को फांसी से कम कोई सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिली तो समाज में इस तरह की घटनाएं बढ़ती रहेंगी। सरकार और न्याय व्यवस्था को तुरंत फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए इस मामले का निपटारा करना चाहिए और दरिंदों को सार्वजनिक तौर पर सख्त सजा देनी चाहिए।”
उन्होंने बच्ची के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा जिला इस दुख की घड़ी मे न्याय की मांग के लिए उनके साथ है।
सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
