पंचायत सचिवालय सह विधिक सहायता केंद्र चांदपुर में मनाई गई डॉ भीम राव आंबेडकर की 135 वीं जयंती
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के निर्देश पर चांदपुर पंचायत सचिवालय में बाबा साहब डॉ०भीम राव आंबेडकर की 135 वीं जयंती मनाई गई । डालसा के पी एल वी ने डॉ भीमराव अंबेडकर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष एवं उच्च मानसिकता से हमारे समाज से छुआ छूत और ऊंच नीच की धारणा को खत्म करने के शुरुआत किए और देश के कमजोर वर्ग को संविधान का निर्माण कर उनको विकसित करने की शुरुआत की। डॉ आंबेडकर जिनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू नगर में एक दलित परिवार में हुआ था वो जात पात ऊंच नीच के भेदभाव से हमेशा लड़ते रहे उन्हें शिक्षा को एक मात्र हथियार बनाया सभी को समानता का अधिकार और बाराबरी का दर्जा दिलाने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाई।डॉ०भीम राव आंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है।उन्होंने बत्तीस डिग्रीयां प्राप्त की थी और नौ से अधिक भाषाओं का उन्हें ज्ञान था।उन्होंने भारत के संविधान की रचना करते समय यह सुनिश्चित किया कि देश के प्रत्येक नागरिक को चाहे वो किसी भी जाति,धर्म,भाषा या वर्ग से हो उन्हें समानता,न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार मिले।आज भी जो हमारे समाज में भेदभाव,असमानता और अन्याय व्याप्त है उसे दूर करने की आवश्यकता है। आज के दिन आईए हम सब संकल्प लें हमारे समाज में पल रहे अंधविश्वास,जात पात,ऊंच नीच के भावना को जड़ से मिटाएंगे और डॉ आंबेडकर की सपने को साकार करेंगे।मौके पर पंचायत समिति सदस्य मंजू सरदार एवं डालसा के पी एल वी चयन कुमार मंडल,डोबो चकिया,छाकु माझी,ललिता पुरान,मीरा मंडल,ज्योत्सना गोप,सबिता सोरेन,बसंती सरदार,कुरुमीता मुर्मू,राजेश माहली,गौतम सरदार,दुलाल चंद्र मंडल आदि मौजूद थे।

