Ad image

10 वीं में राजेश कुमार राना भाग्यश्री पुराण के साथ विद्या निकेतन +2 विद्यालय के 92 % अंक लाकर संयुक्त रूप से बने द्वितीय विद्यालय टॉपर

Suresh Mahapatra
1 Min Read
WhatsApp Group Join Now

10 वीं में राजेश कुमार राना भाग्यश्री पुराण के साथ विद्या निकेतन +2 विद्यालय के 92 % अंक लाकर संयुक्त रूप से बने द्वितीय विद्यालय टॉपर

 

Contents
10 वीं में राजेश कुमार राना भाग्यश्री पुराण के साथ विद्या निकेतन +2 विद्यालय के 92 % अंक लाकर संयुक्त रूप से बने द्वितीय विद्यालय टॉपरपोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्टपोटका प्रखण्ड अंतर्गत खैरपाल गांव निवासी अरूप कुमार राना के पुत्र राजेश कुमार राना बने विद्या निकेतन प्लस टू उच्च विद्यालय हल्दी पोखर के दसवीं में 92% अंक लाकर बने भाग्यश्री पुराण के साथ संयुक्त रूप से विद्यालय के द्वितीय टॉपर।राजेश कुमार राना ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता , विद्यालय के शिक्षकों के साथ बड़े पापा स्वपन कुमार राना को दिया है।बड़े पापा पेशे से एक शिक्षक हैं और इनके मार्गदर्शन से इनको 10 वीं बड़ी सफलता मिली।पिता अरूप कुमार राना पेशे से फेरी का काम करता है और माता गृहिणी है।राजेश साइंस लेकर आगे की पढ़ाई करना चाहता है और इंजीनियर बनना उनका सपना है।उन्होंने कहा कठिनाई जितनी आए डटकर और हंसकर उसका सामना करने से आसानी से समाधान मिलता है।पढ़ने के लिए कभी परेशान नहीं हुआ बस मन में एक संकल्प की दिए को जलाए रखा।राजेश एवं उनका छोटा भाई अपने पिता के जैसा बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी हैं। 

 

- Advertisement -

पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट

 

 

पोटका प्रखण्ड अंतर्गत खैरपाल गांव निवासी अरूप कुमार राना के पुत्र राजेश कुमार राना बने विद्या निकेतन प्लस टू उच्च विद्यालय हल्दी पोखर के दसवीं में 92% अंक लाकर बने भाग्यश्री पुराण के साथ संयुक्त रूप से विद्यालय के द्वितीय टॉपर।राजेश कुमार राना ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता , विद्यालय के शिक्षकों के साथ बड़े पापा स्वपन कुमार राना को दिया है।बड़े पापा पेशे से एक शिक्षक हैं और इनके मार्गदर्शन से इनको 10 वीं बड़ी सफलता मिली।पिता अरूप कुमार राना पेशे से फेरी का काम करता है और माता गृहिणी है।राजेश साइंस लेकर आगे की पढ़ाई करना चाहता है और इंजीनियर बनना उनका सपना है।उन्होंने कहा कठिनाई जितनी आए डटकर और हंसकर उसका सामना करने से आसानी से समाधान मिलता है।पढ़ने के लिए कभी परेशान नहीं हुआ बस मन में एक संकल्प की दिए को जलाए रखा।राजेश एवं उनका छोटा भाई अपने पिता के जैसा बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी हैं। 

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *