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बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है : वर्णाली चक्रवर्ती

Suresh Mahapatra
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बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है : वर्णाली चक्रवर्ती

 

पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट

 

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प्रखंड कार्यालय पोटका में सामाजिक संस्था युवा (यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन) द्वारा रीबिल्ड इंडिया फंड के सहयोग से बाल विवाह के विरुद्ध एक प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चन्द्रकला मुंडा के स्वागत भाषण से हुई, जबकि कार्यशाला का प्रभावी संचालन अंजना देवगम ने किया। इस अवसर पर पंचायती राज पदाधिकारी मनोज सिन्हा, थाना के सब-इंस्पेक्टर कानूराम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की प्रीति रॉय सहित विभिन्न पंचायतों के सहिया साथी, वार्ड सदस्य एवं स्वास्थ्य कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संस्था की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में संगठन के कार्यों और उद्देश्यों को साझा करते हुए बताया कि संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, मानसिक सशक्तिकरण एवं अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता को अत्यंत आवश्यक बताया।
सीएचसी की प्रीति रॉय ने बाल विवाह के स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि कम उम्र में विवाह और गर्भधारण से एनीमिया, कुपोषण तथा मातृ मृत्यु दर जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
पंचायती राज पदाधिकारी मनोज सिन्हा ने कहा कि बाल विवाह आज भी ग्रामीण समाज में एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों एवं योजनाओं की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को बोझ न मानकर उन्हें शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का आह्वान किया।
थाना के सब-इंस्पेक्टर कानूराम ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को देना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग इस दिशा में हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवाद, विचार-विमर्श एवं अनुभव साझा किए गए, जिससे विषय की गहन समझ विकसित हुई। साथ ही, ग्राम सभा एवं पंचायत स्तर पर इस मुद्दे को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम का समापन “बाल विवाह मुक्त समाज एवं पर्यावरण संरक्षण” के संदेश के साथ पौधों में जल अर्पित कर किया गया। अंत में चाँदमनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यशाला को सफल बनाने में संस्था के कार्यकर्ता कापरा मांझी, अबंती सरदार, रीला सरदार, श्रुति सरदार, अंजली पात्रो, किरण सरदार एवं अरूप मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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