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सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरू

Suresh Mahapatra
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सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरू

 

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सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरूपोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट पोटका प्रखण्ड के जुड़ी पंचायत अंतर्गत सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरी नाम संकीर्तन हुआ शुरू।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जुड़ी पंचायत अंतर्गत सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन का बिधिवत शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर साहित्यकार सह समाजसेवी सुनील कुमार दे ने कहा हरिनाम करने का कोई समय और उम्र नहीं होता है।हरिनाम किसी भी अवस्था और परिस्थिति में किया जा सकता है।हरिनाम इस कलियुग में मुक्ति का सरल उपाय है।हरिनाम करने से शरीर और मन दोनों पवित्र होता है।जहाँ पर हरिनाम होता है वहां पर कलि का प्रवेश अधिकार नहीं है। समाज सेवी कृष्ण गोप ने कहा इस दुनिया से जाने का समय हरिनाम छोड़कर कुछ साथ में नहीं जायेगा,इसलिए हरिनाम करना चाहिए ।हरिनाम संकीर्तन में राधा रानी कीर्तन संप्रदाय कदमा,गौरांग हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय मदन साईं, तरुण दास हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय काड़ाडूबा , श्याम सुन्दर बालिका हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय महुलडीहा, हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय पोड़ाडीहा,शिव दुर्गा बालिका कीर्तन संप्रदाय हैंसलबिल आदि भाग ले रहे हैं।इस अवसर पर कृष्ण गोप, सुनील कुमार दे, निताई महाकुड़,बलराम गोप,सुधीर सरदार,रामकृष्ण सरदार,माणिक लाल प्रामाणिक,खिरोद प्रमाणिक, दीपक प्रामाणिक,शंकर प्रामाणिक,लक्ष्मण प्रामाणिक,शिव शंकर प्रामाणिक,सरोज प्रामाणिक,प्रभाष प्रामाणिक,जनमेजय प्रामाणिक,आनंद प्रामाणिक,राखो हरि प्रामाणिक आदि उपस्थित थे।आगामी 25 अप्रैल को धूलट और महाप्रभु की भोग और आरती होगी।इस हरिनाम संकीर्तन का आयोजन श्री श्री राधा गोविन्द अखंड हरिनाम संकीर्तन समिति सामरसाईं के द्वारा किया गया है।

 

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पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट 

 

 

पोटका प्रखण्ड के जुड़ी पंचायत अंतर्गत सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरी नाम संकीर्तन हुआ शुरू।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जुड़ी पंचायत अंतर्गत सामरसाई गांव में अष्टम प्रहर अखंड हरिनाम संकीर्तन का बिधिवत शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर साहित्यकार सह समाजसेवी सुनील कुमार दे ने कहा हरिनाम करने का कोई समय और उम्र नहीं होता है।हरिनाम किसी भी अवस्था और परिस्थिति में किया जा सकता है।हरिनाम इस कलियुग में मुक्ति का सरल उपाय है।हरिनाम करने से शरीर और मन दोनों पवित्र होता है।जहाँ पर हरिनाम होता है वहां पर कलि का प्रवेश अधिकार नहीं है। समाज सेवी कृष्ण गोप ने कहा इस दुनिया से जाने का समय हरिनाम छोड़कर कुछ साथ में नहीं जायेगा,इसलिए हरिनाम करना चाहिए ।हरिनाम संकीर्तन में राधा रानी कीर्तन संप्रदाय कदमा,गौरांग हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय मदन साईं, तरुण दास हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय काड़ाडूबा , श्याम सुन्दर बालिका हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय महुलडीहा, हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय पोड़ाडीहा,शिव दुर्गा बालिका कीर्तन संप्रदाय हैंसलबिल आदि भाग ले रहे हैं।इस अवसर पर कृष्ण गोप, सुनील कुमार दे, निताई महाकुड़,बलराम गोप,सुधीर सरदार,रामकृष्ण सरदार,माणिक लाल प्रामाणिक,खिरोद प्रमाणिक, दीपक प्रामाणिक,शंकर प्रामाणिक,लक्ष्मण प्रामाणिक,शिव शंकर प्रामाणिक,सरोज प्रामाणिक,प्रभाष प्रामाणिक,जनमेजय प्रामाणिक,आनंद प्रामाणिक,राखो हरि प्रामाणिक आदि उपस्थित थे।आगामी 25 अप्रैल को धूलट और महाप्रभु की भोग और आरती होगी।इस हरिनाम संकीर्तन का आयोजन श्री श्री राधा गोविन्द अखंड हरिनाम संकीर्तन समिति सामरसाईं के द्वारा किया गया है।

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