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जीवन का उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और अधर्म को रोकना है:महाराज गोविंद दास शास्त्री

Suresh Mahapatra
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जीवन का उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और अधर्म को रोकना है:महाराज गोविंद दास शास्त्री

 

 

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पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट 

 

 

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कोवाली थाना के मुहूलड़िहा गांव में श्री श्री राधा गोविंद भागवत सेवा संघ दक्षिण पोटका की ओर से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा भक्ति सह ज्ञान यज्ञ कि चतुर्थ दिवस मंगलवार भागवत प्रवचन की शुरुआत भगवान की आरती, मंगलाचरण एवं संकीर्तन के साथ शाम 5 बजे आरंभ हुई। जिसमें कथावाचक गोविंद दास शास्त्री जी महाराज ने कथा में श्रोताओं पर पहले दिन दिए गए प्रश्नों का जवाब मांगे। तदुपरांत बामन अवतार, भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव,नंदोत्सव ,पुतना वध,कृष्ण के बाल लीलाओं, ब्रजभूमि में कंस के अत्याचारों आदि पर व्याख्या करते हुए महाराज जी ने कहा जीवन का उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और अधर्म के खिलाफ लड़ना भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति रखना है। साथ ही उन्होंने कहा भगवान से जागौतिक वस्तु मत मांगिए, मांगना हो तो भगवान को मांगिए। कृष्ण जन्म की खुशी में पूरे कथा पंडाल को सजाया गया था। “नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की” के उद्घोष से वातावरण गुंजियमान हो रहा था। सभी भक्त मंडली भगवान श्री कृष्ण के जन्म उत्सव पर अपना- अपना उपहार भेंट किये।कृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव के साथ-साथ बाल लीलाओं की झांकी भी आयोजक मंडली द्वारा प्रस्तुत की गई।

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