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सामाजिक संस्था युवा ने किशोरियों के लिए किया नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

Suresh Mahapatra
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सामाजिक संस्था युवा ने किशोरियों के लिए किया नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

 

 

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पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट 

 

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सामाजिक संस्था यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन (युवा) ने रिबिल्ड इंडिया फंड के सहयोग से सुंदर नगर में एक तीन दिवसीय नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में जुड़ी पहाड़ी, बाघलता, भुटका और काशीडीह गांवों से कुल 20 किशोरियों ने भाग लिया। किशोरियों को प्रशिक्षण ज्योति पिंगुवा ने दिया।पहला दिन में नेतृत्व की नींव रखना की शुरुआत एक परिचय सत्र से हुई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपना नाम और रुचियाँ साझा कीं। सत्र के दौरान सकारात्मक वातावरण हेतु सामूहिक नियम बनाए गए। अपेक्षा वृक्ष गतिविधि के माध्यम से सभी किशोरियों ने अपनी-अपनी अपेक्षाएँ साझा कीं।“नेता कौन है और एक अच्छे नेता के गुण” विषय पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें निम्न बिंदु उभरकर आए:स्पष्ट दृष्टिकोण और दिशा निर्देशन,ईमानदारी और सत्यनिष्ठा,आत्मविश्वास,प्रभावी संचार, कौशल निर्णय लेने की क्षमता,जिम्मेदारी स्वीकार करना,दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता,समस्या समाधान की क्षमता,टीमवर्क को बढ़ावा देना,इसके अतिरिक्त, रूढ़िवादी सोच को चुनौती देने हेतु ग्रुप गतिविधि आयोजित की गई। किशोरियों ने विश्व की प्रसिद्ध महिला नेताओं — मनल अल-शरीफ, मलाला यूसुफजई और रोज़ा पार्क्स की जीवन यात्रा से प्रेरणा ली।अवसर और बाधा सत्र में केस स्टडी के माध्यम से वेतन असमानता, घरेलू और व्यावसायिक दोहरी जिम्मेदारी, तथा शिक्षा तक पहुंच में लड़कियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।दूसरा दिन जेंडर, संचार और संगठन की शक्ति एवं सुबह की शुरुआत शारीरिक व्यायाम के साथ हुई। इसके बाद जेंडर और यौनिकता की अवधारणा पर गहन सत्र आयोजित हुआ। किशोरियों ने समाज द्वारा स्वीकृत और अस्वीकृत महिलाओं की भूमिकाओं पर अखबारों से तस्वीरें चुनकर विश्लेषण किया।प्रभावी संचार सत्र में खेल-खेल गतिविधियों के ज़रिये यह समझाया गया कि संदेश कितना स्पष्ट और सरल होना चाहिए। जोड़ी गतिविधि में प्रतिभागियों ने साथी के बताए निर्देशों के आधार पर चित्र बनाकर सुनने और समझने की कला सीखी।समस्या पहचान सत्र में चार समूहों ने निम्न महत्वपूर्ण विषयों पर समस्या वृक्ष बनाकर कारण और समाधान ढूंढे:लड़कियों की शिक्षा,बाल विवाह,जबरन विवाह,जल्दी शादी,कार्यक्रम का समापन “सपनों के वृक्ष” गतिविधि से हुआ, जिसमें सभी किशोरियों ने अपने हाथों की छाप लगाकर अपने सपने और इस प्रशिक्षण से सीखी बातें साझा कीं। फीडबैक सत्र में अधिकांश प्रतिभागियों ने माना कि उनकी आरंभिक अपेक्षाएँ पूरी हुईं।कार्यक्रम को सबसे बनाने में प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चंद्रकला मुंडा, श्रुति आदि में सक्रिय भूमिका निभाई।यह प्रशिक्षण युवा लड़कियों को अपनी क्षमता पहचानने, लिंग आधारित भेदभाव को चुनौती देने और अपने समुदाय में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार करने हेतु आयोजित किया गया था।”जिसमें ज्योति पिंगूवा, मुख्य प्रशिक्षक थी।

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