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बिछड़े मासूम को पाकर माता पिता हुए भावुक,40 घंटे बाद कोवाली थाना प्रभारी व मुखिया देवी कुमारी की पहल से लौटी परिवार की खुशियां
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बिछड़े मासूम को पाकर माता पिता हुए भावुक,40 घंटे बाद कोवाली थाना प्रभारी व मुखिया देवी कुमारी की पहल से लौटी परिवार की खुशियांकोवाली थाना क्षेत्र में विगत दिनों बिछड़े एक मासूम बच्चे को घटना के करीब 40 घंटे बाद उसके माता-पिता से सकुशल मिलवाने में कोवाली थाना प्रभारी एवं स्थानीय मुखिया की सराहना हो रही है। बतादें विगत दिनों दो विक्षिप्त के सामने एक बच्चे को रोता देख स्थानीय लोगों को बच्चा चोर का संदेह होने लगा तभी इसकी जानकारी स्थानीय मुखिया देवी कुमारी भूमिज इब्न कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव को दी।कोवाली थाना की पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी एवं दोनों आरोपी विक्षिप्त को थाना लेकर पूछताछ शुरू कर दी।40 घंटा बाद बच्चे से मिलकर उसके माता पिता भावुक हो गये। इस मानवीय कार्य में कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव तथा हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज की सक्रिय भूमिका रही। बच्चे के माता-पिता ने अपने लाल को वापस पाकर भावुक होकर पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों का आभार जताया।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त दंपति के पास एक मासूम बच्चा दिखाई दिया। बच्चे के साथ उनकी मौजूदगी पर स्टेशन पर मौजूद लोगों को संदेह हुआ और बच्चा चोरी की आशंका जताई जाने लगी। जब लोगों ने दंपति से बच्चे के बारे में पूछताछ की तो वे संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद मामले की सूचना कोवाली पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित रखते हुए उसकी पहचान तथा परिजनों की खोज शुरू कर दी। बच्चे की देखभाल के लिए उसे स्थानीय निवासी राजन बागती को सौंपा गया। वहीं थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने स्वयं बच्चे के परिजनों की तलाश में जुटकर टाटानगर स्टेशन के ट्रैफिक कॉलोनी क्षेत्र में भी छानबीन की। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे के माता-पिता उसकी तलाश में बाहर गए हुए हैं। थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों को उनके लौटने पर तत्काल सूचना देने को कहा।
बाद में जब बच्चे के माता-पिता घर लौटे तो उन्हें बच्चे के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद वे हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां मुखिया देवी कुमारी भूमिज और थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव की मौजूदगी में बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
अपने मासूम को गोद में लेते ही माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने थाना प्रभारी और मुखिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका खोया हुआ लाल सकुशल वापस मिल गया, जिससे उनके परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
इस दौरान पुलिस एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने अभिभावकों को बच्चे की सुरक्षा और उचित देखभाल को लेकर आवश्यक सलाह भी दी। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और लोगों ने पुलिस की संवेदनशीलता तथा तत्परता की सराहना की।
पोटका से सुरेश कुमार महापात्र की रिपोर्ट
कोवाली थाना क्षेत्र में विगत दिनों बिछड़े एक मासूम बच्चे को घटना के करीब 40 घंटे बाद उसके माता-पिता से सकुशल मिलवाने में कोवाली थाना प्रभारी एवं स्थानीय मुखिया की सराहना हो रही है। बतादें विगत दिनों दो विक्षिप्त के सामने एक बच्चे को रोता देख स्थानीय लोगों को बच्चा चोर का संदेह होने लगा तभी इसकी जानकारी स्थानीय मुखिया देवी कुमारी भूमिज इब्न कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव को दी।कोवाली थाना की पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी एवं दोनों आरोपी विक्षिप्त को थाना लेकर पूछताछ शुरू कर दी।40 घंटा बाद बच्चे से मिलकर उसके माता पिता भावुक हो गये। इस मानवीय कार्य में कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव तथा हल्दीपोखर पूर्वी पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज की सक्रिय भूमिका रही। बच्चे के माता-पिता ने अपने लाल को वापस पाकर भावुक होकर पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों का आभार जताया।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त दंपति के पास एक मासूम बच्चा दिखाई दिया। बच्चे के साथ उनकी मौजूदगी पर स्टेशन पर मौजूद लोगों को संदेह हुआ और बच्चा चोरी की आशंका जताई जाने लगी। जब लोगों ने दंपति से बच्चे के बारे में पूछताछ की तो वे संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद मामले की सूचना कोवाली पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित रखते हुए उसकी पहचान तथा परिजनों की खोज शुरू कर दी। बच्चे की देखभाल के लिए उसे स्थानीय निवासी राजन बागती को सौंपा गया। वहीं थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने स्वयं बच्चे के परिजनों की तलाश में जुटकर टाटानगर स्टेशन के ट्रैफिक कॉलोनी क्षेत्र में भी छानबीन की। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे के माता-पिता उसकी तलाश में बाहर गए हुए हैं। थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों को उनके लौटने पर तत्काल सूचना देने को कहा।
बाद में जब बच्चे के माता-पिता घर लौटे तो उन्हें बच्चे के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद वे हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां मुखिया देवी कुमारी भूमिज और थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव की मौजूदगी में बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
अपने मासूम को गोद में लेते ही माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने थाना प्रभारी और मुखिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका खोया हुआ लाल सकुशल वापस मिल गया, जिससे उनके परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
इस दौरान पुलिस एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने अभिभावकों को बच्चे की सुरक्षा और उचित देखभाल को लेकर आवश्यक सलाह भी दी। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और लोगों ने पुलिस की संवेदनशीलता तथा तत्परता की सराहना की।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त दंपति के पास एक मासूम बच्चा दिखाई दिया। बच्चे के साथ उनकी मौजूदगी पर स्टेशन पर मौजूद लोगों को संदेह हुआ और बच्चा चोरी की आशंका जताई जाने लगी। जब लोगों ने दंपति से बच्चे के बारे में पूछताछ की तो वे संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद मामले की सूचना कोवाली पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित रखते हुए उसकी पहचान तथा परिजनों की खोज शुरू कर दी। बच्चे की देखभाल के लिए उसे स्थानीय निवासी राजन बागती को सौंपा गया। वहीं थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने स्वयं बच्चे के परिजनों की तलाश में जुटकर टाटानगर स्टेशन के ट्रैफिक कॉलोनी क्षेत्र में भी छानबीन की। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे के माता-पिता उसकी तलाश में बाहर गए हुए हैं। थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों को उनके लौटने पर तत्काल सूचना देने को कहा।
बाद में जब बच्चे के माता-पिता घर लौटे तो उन्हें बच्चे के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद वे हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां मुखिया देवी कुमारी भूमिज और थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव की मौजूदगी में बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
अपने मासूम को गोद में लेते ही माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने थाना प्रभारी और मुखिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका खोया हुआ लाल सकुशल वापस मिल गया, जिससे उनके परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं।
इस दौरान पुलिस एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने अभिभावकों को बच्चे की सुरक्षा और उचित देखभाल को लेकर आवश्यक सलाह भी दी। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और लोगों ने पुलिस की संवेदनशीलता तथा तत्परता की सराहना की।

