सुब्रत कुमार दाश खनन इकाई एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किए गए
एनटीपीसी के अधिकारियों एवं कर्मियों ने दी बधाई
बड़कागांव रितेश ठाकुर
सुब्रत कुमार दाश को एनटीपीसी लिमिटेड की खनन इकाई, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्ति किया गया। ऊर्जा एवं खनन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखने वाले सुब्रत कुमार दाश एनटीपीसी के एक अनुभवी एवं कुशल नेतृत्वकर्ता हैं। विद्युत अभियंत्रण (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) में स्नातक दाश ने वर्ष 1989 में एनटीपीसी में एक्जीक्यूटिव ट्रेनी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने लंबे और गौरवशाली कार्यकाल के दौरान उन्होंने संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी का दायित्व संभालने से पूर्व दाश एनएमएल पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना एवं पीबी-एनडब्ल्यू सीएमपी के परियोजना प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उनके नेतृत्व में परियोजना ने परिचालन उत्कृष्टता, सुरक्षा मानकों, हितधारक सहभागिता तथा सतत विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने परियोजना के समग्र विकास एवं संगठनात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने कार्यकाल के दौरान श्री दाश ने एनटीपीसी के सिंगरौली, तालचेर कणिहा, कॉर्पोरेट सेंटर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी दूरदर्शी सोच, परिणामोन्मुखी कार्यशैली तथा मानव-केंद्रित नेतृत्व के लिए उन्हें व्यापक रूप से सराहा जाता है।
एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति संगठन द्वारा उनकी नेतृत्व क्षमता, अनुभव और कार्यकुशलता पर व्यक्त विश्वास का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड परिचालन उत्कृष्टता, तकनीकी नवाचार, सतत विकास तथा उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड तथा एनएमएल पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना के कर्मचारियों, सहयोगियों एवं हितधारकों ने श्री दाश को इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड का दायित्व संभालने के साथ-साथ सुब्रत कुमार दाश एनएमएल पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना के परियोजना प्रमुख के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे। इससे परियोजना में नेतृत्व की निरंतरता बनी रहेगी तथा चल रही विकास एवं परिचालन गतिविधियों को और गति मिलेगी।

